मुरैना। उत्तर भारत के प्रथम दिगंबराचार्य शांतिसागर छाणी परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य एवं मासोपवासी जैनाचार्य श्री सुमतिसागर महाराज का समाधि स्मृति दिवस 3 अक्टूबर को श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर बड़े जैन मंदिर में सकल दिगंबर जैन समाज की सहभागिता से विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
वरिष्ठ समाजसेवी अनूप भंडारी ने बताया कि आयोजन जैनाचार्य श्री 108 उदारसागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 उपशांतसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य तथा जैन संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य चक्रेश जैन शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।
अभिषेक, शांतिधारा और नित्यमह पूजन
प्रातःकाल श्री जिनेंद्र प्रभु का सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्यमह पूजन किया जाएगा। श्रद्धालु पूजन-अर्चन के माध्यम से आचार्यश्री सुमतिसागर महाराज के प्रति विनयांजलि अर्पित करेंगे।
संगीतमय छत्तीसी विधान का आयोजन
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में श्री आचार्य छत्तीसी विधान आयोजित होगा। संगीतमय वातावरण में संपन्न होने वाले इस विधान में श्रद्धालु अष्टद्रव्य से भगवान के चरणों में अर्घ्य समर्पित करेंगे।
प्रातः 9 बजे विनयांजलि सभा
प्रातः 9 बजे विनयांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्यश्री सुमतिसागर महाराज के व्यक्तित्व, कृतित्व, तप, त्याग, साधना तथा धर्म और समाज के प्रति उनके योगदान पर वक्ता प्रकाश डालेंगे।
सभा में आचार्यश्री के जीवन से प्रेरणा लेकर धर्म एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प भी लिया जाएगा। आयोजकों ने सकल दिगंबर जैन समाज से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया है। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था रहेगी।
श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना





