पट्टचार्य ने आगे कहा कि देश राष्ट्र समाज धर्म एवं स्वयं पर के प्राणों की रक्षा करने के भाव हैं तो प्रत्येक सूत्र को अनेक श्रेणियां में देखना चाहिए। सर्व जगत पूर्ण शुद्ध नहीं जी रहा है। यह धु्रव सत्य है पर जी रहा है, जीते-जीते शुद्ध अवस्था होते-होते एक क्षण परम शुद्ध में प्रवेश कोई बिरला साधु-पुरुष ही करता है तब वह कर्मशून्य कृतकृत्य परमात्मा पद को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि आपको लग सकता है कि इन सब जीवों की रक्षा से मुझे क्या लाभ आपको इनकी रक्षा से लाभ ही लाभ है। विवेक पूर्वक विचार करो बुद्धि खुल जाएगी। संसार का सर्व सुख तथा परमार्थ सब की रक्षा से ही संभव है। पंच स्थावर एवं त्रस जीवों की रक्षा के बिना मानव जीवन सुरक्षित नहीं है। सामान्य नागरिक जी रहे हैं। सभी के होने से पर उन्हें अपनी अल्प प्रक्रिया से समझ ही नहीं आ रहा है कि उनका जीवन किसके माध्यम से सुरक्षित है। पट्टाचार्य ने कहा कि आजकल लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर आत्महत्या कर रहे हैं। मरना तुम्हारा धर्म नहीं समाधि मरण करना ही धर्म है। आज इस सभा में सभी को संकल्प लेना है कि हम आत्महत्या नहीं करेंगे, सभी लोगों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।
यह समाजजन मौजूद रहेइस अवसर पर विधायक नरेंद्रसिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक संजीवसिंह कुशवाह, भारत चतुर्वेदी, विश्वप्रताप सिंह विष्णु, पूर्व जिला अध्यक्ष रविसेन जैन, धर्मेंद्र जैन पोस्ट ऑफिस, प्रमोद जैन डब्बू, पार्षद मनोज जैन, यश जैन, बिट्टू जैन, देवेंद्र जैन, नरेश जैन, चक्रेश जैन, विनोद जैन, रविंद्र जैन, राकेश जैन, मनीष जैन, मोहन जैन, राजेंद्र जैन, रमेश जैन, सचिन जैन, पिंकू जैन उपस्थित थे।




