सारांश

अभिनंदनोदय तीर्थ में श्रीमज्ज्निेन्द्र जिनबिम्ब शाही पंचकल्याणक एकादश रथोत्सव विश्व शान्ति महायज्ञ का शुभारम्भ निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में शनिवार से हो रहा है। पढ़िए अक्षय अलया की विस्तृत रिपोर्ट...
ललितपुर। अभिनंदनोदय तीर्थ में श्रीमज्ज्निेन्द्र जिनबिम्ब शाही पंचकल्याणक एकादश रथोत्सव विश्व शान्ति महायज्ञ का शुभारम्भ निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में शनिवार से हो रहा है। आयोजन स्थल को अयोध्यापुरी के रूप में सुसज्जित किया है, जहां दोपहर 12 बजे अभिनंदनोदय तीर्थ से मंगल कलश घटयात्रा प्रतिष्ठाचार्य प्रदीपभैया सुयश अशोकनगर के मार्गदर्शन में निर्धारित मार्गों से निकलेगी।

मंगल कलश यात्रा निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में मंदिर जी से प्रारम्भ होकर अयोध्यापुरी पहुंचेगी, जहां सायंकाल आचार्यभक्ति एवं जिज्ञासा समाधान और महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

अपने परिणामों को निर्मल रखें

मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए पंचकल्याणक को शगुन प्रतीक बताया और कहा कि पाषाण से भगवान बनने की प्रक्रिया यहां पूरी होती है। ऐसे में श्रावक के जीवन में आनंद एवं परिणामों में परिवर्तन हुए बिना नहीं रह सकता। इन दिनों हमें अपने परिणामों को निर्मल रखना चाहिए। प्रभु की आराधना करते हुए पंचकल्याणकों से कुछ सीख लेनी है।

उन्होंने कहा कि पंचकल्याणक घटयात्रा कलश जीवन में मंगलदायी होता है। जब महिलाएं सिर पर कलश लेती हैं तो वह मंगलकारी एवं सुरक्षादायी रहता है। उन्होंने 29 वर्ष पूर्व ललितपुर में हुए नवगजरथ की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में उत्साह है। इसे देखकर लगता है कि यह पंचकल्याणक अति प्रभावना और उत्साह के साथ होगा। उन्होंने सभी को आयोजन की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया।

इनका रहा सहयोग

प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य कल्पना-राजेन्द्र लल्लू थनवारा, सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य सुमन-स्वतंत्र मोदी नाराहट, धनपति कुबेर बनने का सौभाग्य अशोक-सुधा दैलवारा, महायज्ञ नायक बनने का सौभाग्य रचना-संजीव जैन सीए, शिरोमणि श्रावक श्रेष्ठी बनने का सौभाग्य महेन्द्र कुमार सर्राफ, विधि यज्ञनायक बनने का सौभाग्य प्रभात कुमार सर्राफ को मिला। वहीं भरत चक्रवर्ती रवीन्द्र अलया, बाहुबली संजीव कुमार-ममता स्पोर्ट, ईशान इन्द्र विनय कुमार जैन मडावरा, सनत इन्द्र संजीव कुमार लकी, माहेन्द्र राजीव कुमार लकी, यज्ञनायक महेन्द्र कुमार सराफ, अखिलेश गदयाना, विनय जैन जड़ीबूटी, आलोक जैन लागौन, राजेन्द्र सर्राफ, वीरेन्द्र कुमार गंगचारी, महेन्द्र कुमार पालीवाले, राजकुमार खिरिया बने।

राजा श्रेयांस बनने का सौभाग्य राजीव अनौरा, राजा सोम बनने का सौभाग्य डॉ. अक्षय टडैया, ब्रहमेन्द्र बनने का सौभाग्य राजेश सिंघई धौर्रा, लान्तव इन्द्र बनने का सौभाग्य लोकेश सर्राफ, शुक्र इन्द्र बनने का सौभाग्य शुभम सर्राफ, प्राणत इन्द्र बनने का सौभाग्य अभय जैन पारौल, आणत इन्द्र बनने का सौभाग्य देवेन्द्र श्रीस सिंघई, आरण इन्द्र बनने का सौभाग्य अभिनंदन कुम्हैडी और शतार इन्द्र बनने का सौभाग्य पदमचंद मिठया को मिला। आयोजन स्थल अयोध्यापुरी को व्यवस्थित करने में सर्वोदय समिति में जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, मोदी पंकज जैन पार्षद, शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, कोमलचंद दादा, स्वतंत्र मोदी, संजीव जैन सीए, अशोक दैलवारा कमलेश जैन चौधरी, आकाश जैन भारत गैस, अविनाश सिंघई, निर्माण समिति में संजीव जैन ममता स्पोर्ट, जीवन जैन मिर्चवारा, जितेन्द्र जैन मुच्छड, मेला कैप्टन निर्देशक नरेन्द्र कडंकी, नरेन्द्र जैन छोटे पहलवान, कैप्टन राजकुमार जैन, महेन्द्र सिंघई, वैभव जैन, टिन्ना स्वदेश गोयल, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, धार्मिक आयोजन में मनोज जैन बबीना सहित स्वयंसेवी संस्थाओं का योगदान मिल रहा है।