उदयपुर में संध्या नाहर का किया देहदान: देहदान की यह प्रक्रिया समाज के लिए बनी मिसाल

उदयपुर की जानी-मानी समाजसेविका स्व. संध्या नाहर (धर्मपत्नी-स्व. चंद्रसिंह नाहर) का 12 जनवरी को निधन हो गया था। उनके जीवन के अंतिम संकल्प के अनुसार 13 जनवरी को उनकी पार्थिव देह का दान आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में किया गया। उदयपुर से पढ़िए, यह खबर...
उदयपुर। उदयपुर की जानी-मानी समाजसेविका स्व. संध्या नाहर (धर्मपत्नी-स्व. चंद्रसिंह नाहर) का 12 जनवरी को निधन हो गया था। उनके जीवन के अंतिम संकल्प के अनुसार 13 जनवरी को उनकी पार्थिव देह का दान आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में किया गया। परिजनों के अनुसार, उनकी पार्थिव देह को उनके निवास से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्य के लिए उनका देहदान किया गया। स्व. संध्या नाहर का यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस देहदान से भविष्य के डॉक्टरों को अध्ययन का अवसर मिलेगा और इससे आने वाले समय में कई रोगियों के जीवन को बचाने में मदद मिलेगी। शोक संतप्त परिवार में राजकुमारी नाहर (चाची), मोहित रिया नाहर (पुत्र एवं पुत्रवधू), यामिनी वरुण, वन्या, वयांश सुराणा (पुत्री परिवार) सहित नाहर, भूरट, भंडारी, खाब्या एवं सांखला परिवार शामिल हैं। परिवारजनों ने आमजन से अपील की है कि स्व. संध्या नाहर के इस पुण्य कार्य से प्रेरणा लेकर देहदान जैसे मानवीय संकल्प को अपनाएं।
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