सनावद। नगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित श्री क्षेत्र पोदनपुरम में नव दिवसीय नवरात्रि विधान आराधना के अंतर्गत बुधवार को बड़े बाबा आदिनाथ मंडल विधान रचाया गया। आश्विन सुदी चतुर्थी पर प्रातःकाल श्रीजी के पंचामृत अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इसके पश्चात आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी द्वारा रचित बड़े बाबा आदिनाथ मंडल विधान संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने 48 अर्घ्य समर्पित किए।
पंचोलिया परिवार को मिला विधान का सौभाग्य
विधान रचाने का सौभाग्य ज्ञानचंद जी, राहुल भूच तथा सुरेश कुमार-सुकेश कुमार पंचोलिया परिवार को प्राप्त हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुण्यार्जक परिवार की अनुमोदना की।
आदिनाथ भगवान के योगदान का स्मरण
क्षेत्र ट्रस्टी वारिश जैन ने बताया कि जैन परंपरा में भगवान आदिनाथ को प्रथम तीर्थंकर माना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ ने मानव समाज को असि, मसि, कृषि, शिल्प, विद्या एवं वाणिज्य की शिक्षा देकर कर्मयुग का प्रवर्तन किया।
उन्होंने धार्मिक मान्यता के अनुसार आदिनाथ मंडल विधान की आराधना को सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र की भावना को दृढ़ करने वाला बताया। श्रद्धालुओं ने भक्ति और आत्मकल्याण की भावना के साथ अर्घ्य समर्पित किए।
समाजजनों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सुनील भूच, शरणम जैन, मोक्षिता जैन, भव्या जैन, रजनी भूच, माया पंचोलिया, मंदा भूच सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : सन्मति जैन काका, सनावद





