सनावद, 25 सितंबर। पर्युषण पर्व के समापन पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, सुपार्श्वनाथ मंदिर, आदिनाथ छोटा मंदिर सहित नगर के जिनालयों के उत्तुंग शिखरों पर नवीन ध्वजाएं चढ़ाई गईं।

अभिषेक-पूजन के बाद हुआ ध्वजारोहण

सन्मति जैन काका ने बताया कि पार्श्वनाथ बड़े मंदिर में प्रातः श्रीजी का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ। बाल ब्रह्मचारी संजय भैया जी के निर्देशन में मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ ध्वजारोहण का शुभ कार्य संपन्न किया गया।

इन परिवारों को मिला ध्वजारोहण का सौभाग्य

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के प्रमुख शिखर पर ध्वजा चढ़ाने का सौभाग्य हितम-सुनीलकुमार जैन, डीपीएस परिवार को प्राप्त हुआ। दाईं ओर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाने का सौभाग्य साधना-सुनील जैन परिवार को तथा बाईं ओर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाने का सौभाग्य अक्षयकुमार सराफ परिवार को मिला।

श्री सुपार्श्वनाथ जिनालय में ध्वजा चढ़ाने का सौभाग्य संतोषकुमार बाकलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ। श्री आदिनाथ जिनालय में ध्वजा चढ़ाने का सौभाग्य अतिवीरकुमार-रजनी भूच परिवार को मिला।

प्रभावना वितरण हुआ

ध्वजारोहण के पश्चात प्रभावना वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भक्ति का धर्मलाभ लिया।

एक नजर में

- पर्युषण पर्व के समापन पर नगर के जिनालयों में नवीन ध्वजाएं चढ़ाई गईं।

- पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में पंचामृत अभिषेक एवं पूजन हुआ।

- बाल ब्रह्मचारी संजय भैया के निर्देशन में ध्वजारोहण संपन्न हुआ।

- पार्श्वनाथ, सुपार्श्वनाथ एवं आदिनाथ जिनालयों में ध्वजाएं चढ़ाई गईं।

- ध्वजारोहण के बाद समाजजनों को प्रभावना वितरित की गई।

पोल : जिनालयों में ध्वजारोहण का कौन-सा भाव आपको सबसे अधिक प्रेरित करता है?

- जिनशासन के प्रति श्रद्धा और समर्पण

- समाज की एकता एवं धार्मिक सहभागिता

श्रीफल साथी : सन्मति जैन काका, सनावद