रिद्धि जैन ने वाणिज्य संकाय में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए : जैन समाज झुमरीतिलैया का नाम किया रोशन

जैन समाज झुमरीतिलैया के सक्रिय कार्यकर्ता आशीष प्रीति जैन सेठी की सुपुत्री रिद्धि जैन ने वाणिज्य संकाय में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कोडरमा जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रिद्धि की पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन, पेंटिंग आदि में भी रुचि है। झुमरी तिलैया से पढ़िए, यह खबर...
झुमरी तिलैया। जैन समाज झुमरीतिलैया के सक्रिय कार्यकर्ता आशीष प्रीति जैन सेठी की सुपुत्री रिद्धि जैन ने वाणिज्य संकाय में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कोडरमा जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रिद्धि की पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन, पेंटिंग आदि में भी रुचि है। स्थानीय ग्रिज़ली विद्यालय की छात्रा रिद्धि जैन हर कार्य को पूरे आत्मविश्वास, मेहनत और लगन से करने की आदत ही आज इस बेहतरीन परिणाम के रूप में सामने आई है। रिद्धि ने बताया की उसने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की साथ ही साथ उसे दादी, माता-पिता, परिवार के सदस्यों तथा गुरुजनों का भी आशीर्वाद मिला। रिद्धि ने कहा कि वो पढ़ाई के समय पढ़ाई पर ही पूरा ध्यान देती थी मोबाइल का यूज बहुत कम करती थी। रिद्धि की माता प्रीति जैन ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि रिद्धि आगे भी अपने संस्कार, परिश्रम और प्रतिभा से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। रिद्धि ने बताया कि को वो आगे सीए की पढ़ाई के लिए कोलकाता जाएगी। रिद्धि की इस सफलता से परिवार में हर्ष का माहौल है। जैन समाज के पदाधिकारियों, महिला जैन समाज के पदाधिकारी गण ने रिद्धि को बधाई संदेश प्रेषित किया है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है और कहा कि ओर आगे पढ़ाई कर कोडरमा का नाम रोशन करो।
प्रतिक्रिया व्यक्त करेंShare your reaction
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
धर्म की ऊपरी क्रिया और मनोवृत्ति में अंतर रहेगा तो शांति कैसे मिलेगी—मुनि समत्वसागर : उत्तम आर्जव धर्म पर कहा—छल, कुटिलता और बनावटीपन छोड़ने से जीवन में बढ़ता है आनंद
आगरा के निर्मल सेवा सदन में दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म पर आत्मस्पंदन ध्यान शिविर हुआ। मुनि समत्वसागर जी ने कहा कि केवल धार्मिक क्रियाएं पर्याप्त नहीं, मन की कुटिलता और छल को छोड़कर सरलता अपनाने से ही धर्म जीवन में उतरता है। पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की यह रिपोर्ट।
आगरा • Shreephal Jain News • 18-09-2026, 10:06 pm
सरलता ही आत्मा की सुंदरता, मन-वचन-कर्म में रखें एकरूपता—उत्तम आर्जव धर्म : नौगामा में अभिषेक-शांतिधारा और दशलक्षण पूजन के साथ हुई आराधना
नौगामा में दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की आराधना हुई। अभिषेक-शांतिधारा, दशलक्षण पूजन, तत्त्वार्थ सूत्र वाचन और भक्तामर के 48 दीपों से महाआरती हुई। श्रद्धालुओं को मन, वचन और कर्म में सरलता व निष्कपटता अपनाने का संदेश दिया गया। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
नौगामा • सुरेश चंद्र गांधी • 18-09-2026, 08:02 pm



