न्यूज सौजन्य- राजेश जैन दद्दूशिरपुर (महाराष्ट्र)। भगवान की कृपा किस रूप में हो जाए, यह कोई नहीं जानता। अन्तरिक्ष पार्श्वनाथ जैन मंदिर में 13 जुलाई को सुबह आरती के समय अचानक एक सर्प प्रकट हुआ और मंदिर जी के एक अज्ञात तलघर की और गया। मंदिर जी के पुजारी व उपस्थित अन्य जैन बंधु जब उस सर्प को खोजते समय मंदिर जी के नीचे गए तो वहां एक अज्ञात तलघर मिला। यह स्थान काफी समय से बंद था।
तलघर में जैन बंधुओं को अतिप्राचीन तीर्थंकर व यक्षी प्रतिमा और दो स्तूप आदि प्राप्त हुए। यह सभी मंदिर जी के भव्य रूप वाले अतिप्राचीन होने के प्रमाण देती हैं। काफी खोजने के बाद भी वह सर्प नहीं मिला। संभवत: सर्प का लक्ष्य जैन समाज को उस अज्ञात तलघर तक ले जाना था। नमो जिनानम
प्राचीन जैन प्रतिमाएं व स्तूप मिलने से जैन समाज में हर्ष

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