इंदौर। आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज का 49वां अवतरण दिवस मंगलवार को धर्ममय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर नेमिनगर जैन कॉलोनी के घूंघट गार्डन स्थित सन्मति समवशरण के पांडाल को आकर्षक रूप से सजाया गया था। श्रावक-श्राविकाओं में गुरुदेव के अवतरण दिवस को लेकर विशेष उत्साह रहा। इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि आयु बढ़ती है और इंसान अपने आप को बड़ा समझने लगता है, यह बहुत बड़ी भूल है। रोना इस बात का है कि हम छोटे होते जा रहे हैं। आचार्य श्री ने कहा कि जन्मदिन केवल सांसों का कम होना है, इसका कैसा जश्न। उन्होंने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस दिन ऋषभदेव का जन्म कल्याणक था, उसी दिन नगर की देवांगना नीलांजना नृत्य करते-करते विलीन हो गई और उन्हें वैराग्य हो गया। इस तरह जन्मदिन ही दीक्षा कल्याणक बन गया। इसलिए यह परंपरा केवल आत्म कल्याण और मोक्ष मार्ग के लिए होना चाहिए। आचार्यश्री ने धर्म सभा में उपस्थित जनसमुदाय और श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए अपने मंगल आशीर्वाद में कहा कि स्वाद को नहीं जीवन में स्वाध्याय का समय बढ़ाने की जरूरत है। जीवन में अच्छे कर्मों को करते हुए स्वाध्याय में अधिक से अधिक समय देना संयम मार्ग पर जाना आसान हो जाता है। भगवान की भक्ति के लिए निर्लिप्त भाव से श्रद्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी साल में 50 हजार दिन नहीं होते। इसलिए यह मिथ्या नहीं होना चाहिए। जन्मदिन आता है तो आयु घटती है। सांसे कम होती हैं। इनका उपयोग भगवान की भक्ति और मोक्ष के मार्ग पर जाने के लिए होना चाहिए।

आचार्यश्री को बैंडबाजों के साथ जुलूस के रूप में लाया गया
नेमिनगर जैन कॉलोनी के श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज ससंघ को बैंडबाजों के साथ जुलूस रूप में सन्मति समवशरण पांडाल तक लाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन किया गया। गुरुदेव के भक्त जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। श्रावक-श्राविकाओं ने जुलूस में नृत्य करते हुए भक्ति की।
सुमधुर मंगलाचरण से अवतरण दिवस महोत्सव की हुई शुरूआत
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ णमोकार सेवा आश्रम के बच्चों और बालिकाओं द्वारा सुमधुर गीतों पर मंगलाचरण प्रस्तुत कर किया गया। सभी उपस्थित जनों ने तालियां बजाकर उनकी इस प्रस्तुति की अनुमोदना की। चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन इंद्रकुमार सेठी, उज्जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष अशोक जैन चायवाला परिवार, कांतिलाल बम, भूपेंद्र सेठी, टी.के. वेद, प्रदीप पाटोदी सहित अन्य लोगों ने किया। पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए गए और गुरुदेव के चरणों में देश के विभिन्न कोनों और राज्यों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने श्रीफल व अर्घ्य समर्पित किए गए।
स्कूली बच्चों को उपहार और लड्डू का किया वितरण
आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज के 49वें अवतरण दिवस पर बुधवार को विभिन्न स्कूलों, णमोकार सेवाआश्रम के बालक-बालिकाओं को उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर उन्हें मिष्ठान के रूप में लड्डुओं का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में पूर्व में हुई भक्तामर पाठ प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर आगामी दिवस में होने वाली आर्यिका दीक्षा के बारे में जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन पंडित नितिन झांझरी ने किया। इस अवसर पर आचार्य श्री संघ और आर्यिका संघ का सानिध्य प्राप्त हुआ।




