मुरैना। शहर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर से चोरी हुए करीब 1.5 किलोग्राम वजनी चांदी के छत्र के मामले का मुरैना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया चांदी का छत्र तथा घटना में प्रयुक्त लोहे का कटर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद चांदी के छत्र की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये है।पुलिस के अनुसार 4 अगस्त 2026 की सुबह मंदिर के पुजारियों ने मंदिर के प्रथम तल पर भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के ऊपर लगा चांदी का तीन खंड वाला छत्र गायब होने की सूचना दी थी। इस पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली मुरैना में अपराध क्रमांक 385/26, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना (भापुसे) के निर्देश पर आरोपी की तलाश एवं गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। नगर पुलिस अधीक्षक मुरैना दीपाली चंदोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली अतुल भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध की पहचान आगरा निवासी शैलेश वर्मा पुत्र सुनील वर्मा, निवासी मकान नंबर 1585, एम परसी चौक, मोहल्ला बजहरा, थाना अच्छनेरा, आगरा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने 20 अगस्त को अच्छनेरा, आगरा पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने जैन मंदिर में चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया करीब 1.5 किलोग्राम वजनी चांदी का छत्र, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये है, तथा घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का कटर बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी आगरा जिले के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य धाराओं में सात आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड एवं अन्य वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित सिंह भदौरिया सहित उपनिरीक्षक अरुण सिंह कुशवाह, उपनिरीक्षक दुर्गेश भदौरिया, उपनिरीक्षक अभिषेक जादौन, सहायक उपनिरीक्षक किशन सिंह तथा आरक्षक रामकिशन, सूरज राठौर, अशोक गुर्जर, अर्जुन जाट, श्याम बिहारी एवं कुलदीप जाट का सराहनीय योगदान रहा।






