मुरैना/अम्बाह। नगर की जैन बगीची में आचार्यश्री सिद्धांतसागर महाराज की शिष्या आर्यिका गणिनी श्री संगममति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप एवं आराधना का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चल रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर णमोकार महामंत्र का जाप, पूजन एवं धार्मिक आराधना कर रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित महा आरती में अतिशय क्षेत्र सिहोनियांजी मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने उत्साह एवं भक्ति पूर्वक सहभागिता प्रदान कर पुण्यार्जन किया।

श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य किए

सिहोनियाजी कमेटी के सभी आधा सैकड़ा से अधिक सदस्यों ने महाआरती करते हुए भक्ति पूर्वक नृत्य किए। सभी सदस्यगण अपनी पारंपरिक सफेद पोशाक में अपनी उपस्थिति की छटा बिखेर रहे थे। शुक्रवार की महाआरती के पुण्यार्जक अतिक्षेत्र सिहोनिया दिगम्बर जैन मंदिर के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण थे। पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान एवं णमोकार महामंत्र की आरती की तथा धर्मलाभ अर्जित किया। आरती के दौरान जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण दिखाई दिया।

महामंत्र के जाप की महिमा समझाई

इस अवसर पर माताजी ने धर्माराधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को णमोकार महामंत्र के जाप की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र किसी एक व्यक्ति अथवा भगवान विशेष की स्तुति मात्र नहीं, बल्कि पंच परमेष्ठी के गुणों के प्रति विनय और श्रद्धा प्रकट करने वाला महामंत्र है। इसके जाप से मन में शांति, एकाग्रता और आध्यात्मिक भावों की वृद्धि होती है। 35 दिवसीय इस महामंत्र जाप एवं आराधना के चलते अम्बाह नगर का वातावरण निरंतर धर्ममय बना हुआ है।

भक्तों की उत्साहपूर्वक सहभागिता

सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो जाता है और सामूहिक जाप एवं धार्मिक आयोजनों में समाजजन उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। आराधना के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति एवं आत्मकल्याण की भावना के साथ धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।