धामनोद। श्रावण शुक्ल सप्तमी पर भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण दिवस पर जैन धर्म के सबसे बड़ा तीर्थ सम्मेद शिखरजी से निर्वाण प्राप्त किया था। ऐसे पवित्र दिन निर्वाण लाडू समर्पित करने के लिए धर्म प्रभावना तीर्थ यात्रा संघ द्वारा आयोजित पंचम वर्ष यात्रा में निमाड़ अंचल से 108 यात्रियों ने सम्मेद शिखर जी में निर्वाण लाडू समर्पित कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। यात्रा संघ प्रभारी हिमांशु कासलीवाल, रिवेश जैन, अविनाश जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर की 27 किलोमीटर की वंदना अनेक यात्रियों ने पैदल की एवं क्षेत्र में विराजित अनेक साधु संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आर्यिका शुभमति माताजी ससंघ 26 पिच्छी के सानिध्य में संगीतमय सम्मेद शिखर जी मंडल विधान का भव्य आयोजन गुरुवार को हुआ।
इन्होंने सौभाग्य प्राप्त किया
जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य करते हुए मंडल पर अर्घ समर्पित किए मंडल विधान के मुख्य सोधर्म इंद्र हिमांशु प्रिया कासलीवाल इंदौर थे। शांति धारा करने का सौभाग्य जंबू जैन, गुर्जर मंडली लोनारा ने प्राप्त किया माताजी को पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेट करने का सौभाग्य अजीत जैन विद्या जैन को प्राप्त हुआ। बड़े व्यक्तियों ने तो 27 किलोमीटर की पहाड़ वंदना की लेकिन पहली बार शिखर जी की यात्रा के लिए आए 9 से 14 वर्षों के बीच ग्रंथ जैन, रूही जैन, अरिहंत पटेल, सिद्धार्थ मुकाती , अंश पटेल, ओम पटेल ने हंसते-हंसते पूर्ण की। यात्रा में सम्मिलित सभी यात्रियों को स्मृति चिन्ह देकर सभी का सम्मान किया गया।






