पीठ। जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व में दसवें धर्म उत्तम ब्रह्मचर्य की श्रद्धा एवं भक्तिभाव से आराधना की गई। इस अवसर पर श्रीजी का अभिषेक, पूजन, आरती, प्रतिक्रमण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
पुण्यार्जक परिवारों ने निभाई सहभागिता
अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने बताया कि कार्यक्रम में पुण्यार्जक के रूप में गजेंद्र कोठारी, पूनम देवी-विशाल कोठारी, शकुंतला देवी-कोदरलाल डेचिया एवं भाविका-उमेश शाह परिवारों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर खुशबू-गौरव कोठारी, नीता-पीयूष डेचिया सहित अन्य परिवारजन एवं समाजजन उपस्थित रहे।
वासुपूज्य भगवान को अर्पित किया निर्वाण लाडू
वासुपूज्य भगवान के निर्वाण कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। इसका सौभाग्य महेंद्र कुमार डेचिया परिवार को प्राप्त हुआ।
दीक्षार्थी जयश्री देवी की गोद भराई
समाज द्वारा पीठ जैन समाज की प्रथम दीक्षार्थी जयश्री देवी की गोद भराई रस्म भी श्रद्धा एवं मंगलभाव के साथ संपन्न की गई। समाजजनों ने उनके संयम पथ के प्रति सम्मान और शुभभाव व्यक्त किए।
एक नजर में
दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना हुई।
श्रीजी का अभिषेक, पूजन, आरती एवं प्रतिक्रमण संपन्न हुआ।
वासुपूज्य भगवान को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
महेंद्र कुमार डेचिया परिवार को निर्वाण लाडू का सौभाग्य मिला।
दीक्षार्थी जयश्री देवी की गोद भराई रस्म आयोजित हुई।
श्रीफल साथी : राजकुमार डेचिया, पीठ




