नौगामा (बांसवाड़ा)। दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत उत्तम संयम धर्म के दिन आदिनाथ मंदिर एवं भगवान महावीर समवशरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ नसियाजी में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ आयोजित किए गए।
प्रातःकाल विशेष शांतिधारा एवं अभिषेक हुआ। प्रथम अभिषेक का सौभाग्य अविरल गांधी, पुत्र संजय गांधी एवं रमेशचंद्र गांधी को प्राप्त हुआ।
गाजे-बाजे के साथ श्रीजी को पंडाल में विराजमान किया
आदिनाथ मंदिर से श्रीजी की प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ विशाल पंडाल में लाकर सिंहासन पर विराजमान किया गया। सांगानेर संस्थान से पधारे अभिषेक भैया, रमेशचंद्र गांधी एवं वीना दीदी तथा गीतकार राजेंद्र जैन के मधुर स्वरों और वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजन एवं गरबा नृत्य किया।
पूजन के पश्चात तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन भी किया गया।
सुगंध दशमी पर धूप अर्पण
दोपहर में आदिनाथ मंदिर से श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ सामूहिक रूप से भगवान महावीर समवशरण मंदिर पहुंचे। वहां भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमाओं के समक्ष मंत्रोच्चार के साथ धूप अर्पित की गई। मंदिर परिसर स्थित कीर्ति स्तंभ पर भी श्रद्धापूर्वक धूप चढ़ाई गई।
48 दीपों से महाआरती
शाम को प्रतिक्रमण के पश्चात आदिनाथ मंदिर में गीतकार की मधुर स्वर लहरियों के बीच 48 दीप विधान के 48 दीप प्रज्वलित कर भक्तिभाव से महाआरती की गई। अभिषेक भैया ने उत्तम संयम धर्म के महत्व पर मार्मिक प्रवचन दिया।
समाज की ओर से उपवास करने वाले तपस्वियों विपुल पंचोली, अदिति गांधी एवं मोहनलाल पंचोली का सम्मान किया गया।
नेम-राजुल नाटक का मंचन
इसके पश्चात मनीषा नानावटी के निर्देशन में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई तथा ‘नेम-राजुल’ नाटक का भावपूर्ण मंचन किया गया।
कार्यक्रम में जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोरी एवं नवयुवक मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन में सहभागी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
श्रीफल साथी : सुरेश चंद्र गांधी, नौगामा




