जयपुर। दीपावली के पावन पर्व पर बाहरी जगत के साथ-साथ अंतर्मन को भी प्रकाशित करने के उद्देश्य से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, दुर्गापुरा में अर्हम ध्यान योग सत्र का आयोजन किया गया। अर्हम ध्यान योग के प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी के मंगल आशीर्वाद से आयोजित इस कार्यक्रम में दुर्गापुरा जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम श्री दिगंबर जैन महिला महासमिति, त्रिशला संभाग दुर्गापुरा के तत्वावधान में हुआ। अर्हम ध्यान योग टीम के सदस्य अभिषेक जैन, विनय जैन, पुलकित जैन, डॉ. दीपाली जैन, सोनाली जैन, शालिनी बज एवं सीमा जैन ने ध्यान योग का सत्र संपन्न कराया। अर्हम ध्यान योग टीम के सदस्य अभिषेक जैन ने कहा कि अर्हम ध्यान योग केवल एक योग सत्र नहीं, बल्कि स्वयं से मिलने की एक पावन यात्रा है। इसके माध्यम से तनाव और चिंता से मुक्त होकर समता एवं शांति के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा मिलती है। ध्यान से बिखरे हुए विचारों को एकाग्र कर व्यक्ति अपने अंतर्मन में उतरकर स्वयं के सत्य से साक्षात्कार किया जा सकता है। उन्होंने दीपावली के संदर्भ में कहा कि इस पर्व पर बाहरी दीपों के साथ-साथ अपने भीतर भी ज्ञान, विवेक और आत्मशांति के दीप प्रज्वलित करने चाहिए।

आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना उद्देश्य

महासमिति की अध्यक्ष रेणु पांड्या एवं छवि विनायक्या ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में ध्यान, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का संचालन संस्थापक अध्यक्ष चंदा सेठी ने किया। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष प्रकाश चांदवाड़, मंत्री राजेंद्र काला एवं त्रिशला संभाग अध्यक्ष रेणु पांड्या ने सभी उपस्थित महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम अनुभव प्रदान किया।