ललितपुर। अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल में पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 विशदसागर महाराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महत्ता समझाई।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य में पूरे ब्रह्मांड की शक्ति समाहित है। व्रतों का पालन कर शरीर और मन को मजबूत बनाते हुए जीवन व्यतीत करना चाहिए। व्रत एवं उपवास से मन पवित्र रहता है, इसलिए ऐसे अवसरों पर परमार्थ, दान और धर्मप्रभावना के कार्यों में आगे बढ़ना चाहिए।
समाज की एकता से सुरक्षित रहेगी संस्कृति
मुनिश्री ने कहा कि समाज की एकता और दिलों की एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। समाज संगठित रहेगा तो संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। जैन समाज क्षमाशील है और पर्युषण पर्व जीवन में एकजुटता तथा मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है।
उन्होंने अभिनंदनोदय तीर्थ एवं नवनिर्मित गुफा को विश्व की अनुपम धरोहर बताते हुए तीर्थ प्रणेता मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के उपकार को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि ललितपुरवासियों का धर्म और संस्कृति के लिए योगदान युगों तक स्मरणीय रहेगा।
वासुपूज्य भगवान को अर्पित किया निर्वाण लाडू
धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। पूजन एवं अभिषेक के उपरांत भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू भक्तिभाव से समर्पित किया गया।
मंगलाचरण ब्रह्मचारिणी शिल्पी दीदी एवं शुत्रा जैन मोहनी ने किया। मुनिश्री के सान्निध्य में तत्त्वार्थसूत्र का वाचन ब्रह्मचारिणी नीलू-सविता, सुरभि दीदी, राशि जैन एवं नरेंद्र मैया ने किया। अर्घ पारस-प्रियंका जैन मनया परिवार द्वारा समर्पित किए गए।
अभिषेक एवं आरती के पुण्यार्जक
धर्मसभा का ध्वजारोहण संदीप सराफ एवं सम्यक सराफ, अलंकार ज्वैलर्स परिवार ने किया। श्रीजी के अभिषेक में सौधर्म इंद्र अंकित जैन जाखलौन, ईशान इंद्र सुरेशचंद-विकास जैन भारत गैस, सनत इंद्र संजीव जैन सीए, महेंद्र जीवनधर लाल जैन एडवोकेट एवं चिंतामणि रोहित जैन रायपुरवाले रहे।
प्रभु पर छत्र चढ़ाने का पुण्यार्जन सनत जैन खजुरिया ने तथा चंवर का पुण्यार्जन सीए सौरभ जैन-सचिन जैन माताटीला परिवार ने किया। महाआरती अनिल जैन अंचल परिवार द्वारा की गई।
गुरु गौरव गाथा का मंचन
जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टड़या ने समाज को धर्मप्रभावना में अग्रसर रहने एवं अप्रभावना से बचने का आह्वान किया। सांगानेर के विद्वान जितेंद्र शास्त्री ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की साधना और उनके आशीर्वाद से संचालित प्रकल्पों को अमूल्य धरोहर बताया।
संध्याकाल अभिनंदनोदय तीर्थ में आरती के उपरांत सुधाकलश महिला मंडल ने गुरु गौरव गाथा का मंचन किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहा। नगर के विभिन्न जिनालयों में भी श्रीजी का अभिषेक एवं पूजन हुआ तथा बालक-बालिका मंडल की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
एक नजर में
मुनि विशदसागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में महामस्तकाभिषेक हुआ।
वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।
मुनिश्री ने ब्रह्मचर्य को आत्मशक्ति और संस्कारों का आधार बताया।
पर्युषण पर्व के समापन पर नगर के विभिन्न जिनालयों में अभिषेक-पूजन हुए।
सुधाकलश महिला मंडल ने गुरु गौरव गाथा का मंचन किया।
श्रीफल साथी : अक्षय अलया, ललितपुर




