कुचामन सिटी। डीडवाना रोड स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में श्रावक श्रेष्ठी संतोष-संतोष देवी, प्रवीण-सुषमा, विपिन-अशु, मुस्कान, उन्नति, चिन्मय एवं दिव्य पहाड़िया परिवार द्वारा पंच परमेष्ठी विधान श्रद्धा और भक्तिभाव से आयोजित किया गया।
पंडित मनीष जैन, फागी के निर्देशन एवं संगीतकार अहिंसा जैन सागर की संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच पूजा-विधान संपन्न हुआ।
जलाभिषेक और शांतिधारा से शुरुआत
विधान के प्रारंभ में 51 श्रावकों ने भगवान आदिनाथ एवं भगवान शांतिनाथ का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा शांतिधारा संपन्न हुई। मंदिर परिसर मंत्रोच्चार और भक्ति भाव से गुंजायमान रहा।
144 अर्घ्य समर्पित किए
नवदेवता पूजन और मूलनायक भगवान महावीर की पूजन के बाद पंच परमेष्ठी विधान संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने अरिहंत परमेष्ठी, सिद्ध परमेष्ठी, आचार्य परमेष्ठी, उपाध्याय परमेष्ठी एवं साधु परमेष्ठी के चरणों में श्रद्धापूर्वक 144 अर्घ्य समर्पित किए।
विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालु
मंदिर अध्यक्ष लालचंद जैन ने बताया कि विधान में पांडिचेरी, बुरहानपुर, जयपुर, किशनगढ़, सीकर, नीमच और अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु शामिल हुए।
कुचामन से चिरंजीलाल, विमल कुमार, अमित, मनोज पाटोदी, विजय, अशोक, महेंद्र, ललित, सुभाष, वीरेंद्र, मनोज, पंकज, नीरज, अमित पहाड़िया, तेजकुमार बड़जात्या, सुरेश, अनिल पाड्या, माणकचंद, संतोष, विकास काला, भागचंद, अशोक अजमेरा, भंवरलाल, ओमप्रकाश झांझरी एवं मनीष गंगवाल सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
श्रीफल साथी : सुभाष पहाड़िया, कुचामन सिटी




