प्रसन्नमति माताजी का वर्षा योग कार्यक्रमधरियाबाद। स्थानीय महावीर मंदिर में प्रसन्न मति माताजी का वर्षा योग कार्यक्रम हो रहा है। प्रवचन के दौरान माताजी ने कहा कि भगवान महावीर की प्रतिमा के दर्शन, सच्ची भक्ति करने से प्राकृतिक सौंदर्य और सुंदरता की प्राप्ति हो जाती है। इसके बाद फिर कहीं जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। जिनेंद्र देव की भक्ति करने से संसार के सभी वैभव को प्राप्त किए जा सकते हैं। लौकिक और पारलौकिक सुखों को प्राप्त किया जा सकता है। प्रसन्न मति माताजी ने कहा कि संसार में परिभ्रमण का मुख्य कारण कषाय है। कषाय चार प्रकार के होते हैं-क्रोध, मान, माया, लोभ। इसके विस्तार में 25 भेद होते हैं। इसमें से क्रोध कषाय प्रमुख हैं। मात्र 22 सेकेंड के गुस्से में कोई व्यक्ति किसी का खून भी कर सकता है। वैज्ञानिक सिद्ध कर चुके हैं कि हमें किसी प्रकार का क्रोध नहीं करना चाहिए। चाहे हम कितना भी पौष्टिक भोजन सामग्री लें, परंतु उस समय का क्रोध हमारी शरीर मे आग की तरह काम करता है जो शरीर की सारी शक्तियों को नष्ट कर देता है।