झुमरी तिलैया (कोडरमा)। धर्मनगरी झुमरी तिलैया में रविवार, 11 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 16 दिवसीय श्री 1008 सर्वतोभद्र महामंडल विधान का भव्य एवं आध्यात्मिक शुभारंभ हुआ। श्री दिगंबर जैन समाज एवं विरागोदय वर्षायोग समिति के निर्देशन में जैन मंदिर के समीप विशाल प्रांगण में आयोजित महोत्सव मुनि श्री 108 सुयशसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 कौशल्यसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य और मंगल आशीर्वाद में शुरू हुआ।

प्रथम दिन घटयात्रा, श्रीजी की शोभायात्रा, अभिषेक, शांतिधारा, ध्वजारोहण और नवदेवता पूजन के साथ श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता की।

मंगल कलश के साथ निकली घटयात्रा

प्रातः पानी टंकी रोड स्थित नया जैन मंदिर से भव्य घटयात्रा निकाली गई। महिलाओं ने मस्तक पर मंगल कलश धारण कर श्रद्धापूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा में श्रीजी को मंगल विहार कराते हुए बड़े जैन मंदिर तक लाया गया।

जुलूस के समापन के बाद भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। जयकारों और धार्मिक भक्ति से नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा।

सेठी परिवार को मिला ध्वजारोहण का सौभाग्य

विधान के प्रथम दिन ध्वजारोहण का सौभाग्य अजय-अलका जैन सेठी एवं प्रशम-दीपाली जैन सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। प्रथम दिवस सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य शांतिलाल एवं राजेशदेवी छाबड़ा परिवार, शांतिलाल लट्टू जैन छाबड़ा परिवार तथा अजय-अमित जैन गंगवाल परिवार को मिला।

इस अवसर पर अजय-अलका जैन सेठी परिवार ने मुनिराज ससंघ का चरण प्रक्षालन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवदेवता पूजन के साथ विधान की विधियां हुईं संपन्न

बाहर से पधारे पंडित संजय भैया एवं स्थानीय विधानाचार्य पंडित अभिषेक जैन शास्त्री ने विधान में सम्मिलित इंद्र-इंद्राणियों एवं श्रद्धालुओं का सकलीकरण और मौली बंधन कराया। इसके पश्चात नवदेवताओं का आह्वान कर विधि-विधानपूर्वक पूजन संपन्न हुआ।

तीनों लोकों के जिनबिंबों की आराधना का महत्व

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुयशसागर जी महाराज ने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर सर्वतोभद्र महामंडल विधान की आराधना का अवसर महान पुण्योदय से प्राप्त होता है। यह आयोजन कोडरमा एवं झुमरी तिलैया के श्रद्धालुओं के लिए हर्ष और सौभाग्य का विषय है।

उन्होंने कहा कि विधान विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की मंगल भावना के साथ आयोजित किया जा रहा है। सर्वतोभद्र महामंडल विधान में तीनों लोकों में विराजमान जिनबिंबों एवं जिनालयों की आराधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मुनिश्री ने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, भक्ति एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

आकर्षक मंडप बना केंद्र

विधान के लिए विशाल एवं आकर्षक मंडप तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 16 दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

इसी क्रम में मुनि श्री 108 कौशल्यसागर जी महाराज का महापारणा अभिषेक-शिखा जैन गंगवाल के निवास पर संपन्न हुआ। संध्या में सेठी परिवार के सौजन्य से महाआरती और णमोकार चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ।

श्रीफल साथी : राजकुमार जैन, कोडरमा