मुरैना/आगरा। अखिल भारतवर्षीय जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था श्री अखिल भारतवर्षीय श्री दिगंबर जैसवाल जैन (उपरोचियां) सेवा न्यास की वार्षिक साधारण सभा की बैठक 13 सितंबर रविवार को प्रातः 10 बजे से एमडी जैन कॉलेज परिसर स्थित नारायण भवन, आगरा में की जाएगी। सभा में न्यास के समस्त न्यासी सहभागिता करेंगे तथा न्यास की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी योजनाओं एवं सेवा कार्यों की रूपरेखा पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। सेवा न्यास के मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि न्यास के अध्यक्ष प्रदीप जैन (पीएनसी) आगरा के निर्देशानुसार न्यास के कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन गुरुग्राम द्वारा जारी प्रपत्र में सभी न्यासियों को सूचित किया गया है कि वार्षिक साधारण सभा की शुरुआत न्यास की पिछली बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) के अनुमोदन से होगी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के खातों एवं वित्तीय विवरणों को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। न्यास के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार किया जाएगा।
प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 पर होगी चर्चा
सभा में महिला सशक्तिकरण एवं सम्मान योजना के क्रियान्वयन को लेकर विशेष रूप से चर्चा होगी। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भरता एवं सम्मान के अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में न्यासियों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके साथ ही न्यास के बहुप्रतीक्षित प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 के आयोजन को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा तथा समारोह की संभावित रूपरेखा एवं तैयारियों पर चर्चा होगी। साथ ही अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी चर्चा की जा सकती है।
विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा
बैठक का महत्वपूर्ण विषय न्यास की नई कार्यकारिणी की घोषणा रहेगा। अध्यक्ष प्रदीप जैन (पीएनसी) द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। इसके बाद न्यास की आगामी सामाजिक, शैक्षणिक, सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को गति देने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रदीप जैन आगरा एवं कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन गुरुग्राम ने सभी न्यासियों से निर्धारित समय पर सभा में उपस्थित होकर सक्रिय सहभागिता करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि न्यास की सेवा गतिविधियों को व्यापक रूप देने तथा समाजहित के कार्यों को नई दिशा प्रदान करने में न्यासियों के रचनात्मक सुझाव महत्वपूर्ण साबित होंगे।





