जयपुर। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में क्षमावाणी पर्व के अवसर पर ‘उत्तम क्षमा’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के विद्वान प्रकाश जैन नरवान शास्त्री ने क्षमा धर्म की महत्ता पर व्याख्यान दिया।

क्षमा आत्मशुद्धि का मार्ग

प्रकाश जैन नरवान शास्त्री ने सरल भाषा एवं दृष्टांतों के माध्यम से बताया कि क्षमा केवल दूसरे को क्षमा करने का भाव नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, समता और सद्भाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्राओं से जीवन में क्षमा के भाव को अपनाने का आह्वान किया।

छात्राओं ने ध्यानपूर्वक सुना व्याख्यान

एक घंटे से अधिक समय तक चले व्याख्यान में महाविद्यालय के शिक्षकों के साथ 100 से अधिक छात्राओं ने सहभागिता की। छात्राओं एवं शिक्षकों ने शांत वातावरण में विषय को ध्यानपूर्वक सुना।

संस्कारपरक आयोजनों की आवश्यकता

महाविद्यालय की प्रधानाचार्य शालिनी गुप्ता एवं एनएसएस अधिकारी नीलम विश्नोई ने व्याख्यान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में क्षमा, समता और सद्भाव की भावना विकसित करते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना से हुआ। इसके पश्चात अतिथि विद्वान का स्वागत किया गया। अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन हुआ।

पूरी न्यूज का सार 5 पॉइंट में

1. राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में क्षमावाणी पर्व पर विशेष कार्यक्रम हुआ।

2. विद्वान प्रकाश जैन नरवान शास्त्री ने ‘उत्तम क्षमा’ पर व्याख्यान दिया।

3. क्षमा को आत्मशुद्धि, समता और सद्भाव का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

4. कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्राओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।

5. प्रधानाचार्य एवं एनएसएस अधिकारी ने ऐसे संस्कारपरक आयोजनों की सराहना की।

श्रीफल साथी : पदम जैन बिलाला, जयपुर