आज हम अपनी-अपनी दृष्टि से चल रहे हैं। इसलिए दुखी हो रहे हैं। हमें जिनवाणी की दृष्टि से चलना चाहिए, तभी हम आत्म कल्याण कर सकते हैं और विवादों से बच सकते हैं। दृष्टि यही रखनी चाहिए कि मेरे साथ जो हो रहा, उसमें कोई दोषी नहीं बल्कि जिनके निमित्त से दुख आए उसे धन्यवाद देना चाहिए कि तुम्हारे निमित्त से आज एक अशुभ कर्म निकल गया।
ये कार्यक्रम भी हुएइससे पहले मुनि श्री का पाद प्रक्षलान राजेंद्र, सतीश, विक्रम, राजावत परिवार ने किया। शास्त्र भेंट राजेश जैन (जैन दूध भंडार) ने किया । धर्म सभा में उपस्थित नरेन्द्र वेद का समाज की ओर से सम्मान किया गया । धर्म सभा का संचालन समाज अध्यक्ष एल. सी. जैन ने किया । इस मौके पर तल्लीन बड़जात्या (पारस चैनल), पवन मोदी, वीरेन्द् जैन, पप्पन, महावीर सेठ, आनंद पहाड़िया मौजूद रहे।




