इंदौर। सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी इंदौर में पर्युषण महापर्व के पश्चात सकल जैन समाज का भव्य चल समारोह एवं शोभायात्रा निकाली गई। तीर्थ चक्रवर्ती मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में हजारों श्रावक संस्कार शिविरार्थी एवं समाजजन अनुशासन और धार्मिक भावनाओं के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
दलाल बाग से शुरू हुई शोभायात्रा
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शोभायात्रा का शुभारंभ विद्यासुधा देशना मंडप, दलाल बाग से हुआ। यात्रा मोदी जी की नसिया, रामाशाह मंदिर, लश्करी मंदिर, राजवाड़ा, शक्कर बाजार के तीन मंदिर तथा कांच मंदिर होते हुए विभिन्न जिनालयों में दर्शन-वंदन करती हुई तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर पहुंची।
अनुशासन और एकरूपता रही विशेष पहचान
आयोजन की प्रमुख विशेषता हजारों शिविरार्थियों की एकरूप, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित सहभागिता रही। सफेद वस्त्रों में अनुशासनपूर्वक चलते शिविरार्थियों का दृश्य समाजजनों के लिए विशेष आकर्षण बना।
नवीन गोधा ने कहा कि पूरे मार्ग में सड़क के दोनों ओर समाजजन स्वागत के लिए खड़े रहे। जगह-जगह बनाए गए मंचों से शिविरार्थियों का अक्षत एवं पुष्पवर्षा कर आत्मीय अभिनंदन किया गया। मार्गभर जयघोष और भक्ति का वातावरण बना रहा।
जैन एकता एवं संस्कारों का जीवंत दर्शन
हर्ष जैन ने कहा कि यह केवल शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन समाज की एकता, संस्कार, अनुशासन एवं धर्म के प्रति समर्पण का जीवंत दर्शन था। हजारों शिविरार्थियों का एक साथ चलना मुनिश्री की प्रेरणा, शिविर संस्कारों और धर्मप्रभावना की शक्ति को प्रदर्शित करता है।
सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा ने आयोजन की सफलता के लिए समाजजनों एवं कार्यकर्ताओं के सहयोग की सराहना की।
कार्यकर्ताओं का रहा विशेष सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में नवीन गोधा, आनंद गोधा, हर्ष जैन, प्रिंसिपल टोंग्या, संजय पाटोदी, अक्षय कासलीवाल, आकाश-आलोक कोल, अभिषेक अजमेरा, संजय सामरिया, जयदीप जैन, जेनेश झांझरी, राहुल स्पोर्ट्स सहित सकल जैन समाज के अनेक कार्यकर्ताओं एवं समाजबंधुओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
एक नजर में
दलाल बाग से सकल जैन समाज की भव्य शोभायात्रा निकली।
हजारों श्रावक संस्कार शिविरार्थियों ने अनुशासनपूर्वक सहभागिता की।
यात्रा ने प्रमुख जिनालयों में दर्शन-वंदन किया।
मार्ग में अक्षत-पुष्पों से शिविरार्थियों का स्वागत हुआ।
आयोजन ने समाज की एकता, संस्कार और धर्मनिष्ठा का संदेश दिया।
पोल : ऐसी सामूहिक शोभायात्राओं की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
अनुशासन एवं समाज की एकता
धर्मप्रभावना एवं नई पीढ़ी को संस्कार
श्रीफल साथी : राजेश जैन दद्दू, इंदौर




