
समाज के नेतृत्व में जो महत्व सेनापति का होता है। वही समाज को एक करने का दायित्व निभा सकता है। मैंने आज नए अध्यक्ष को शपथ दिलवाई है, उम्मीद है कि वे इस सामाजिक एकता को अखंडित रखते हुए समाज को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उन्होंने नए अध्यक्ष बाकलीवाल को देव, शास्त्र, गुरु के नाम की शपथ दिलवाई। शपथ ग्रहण के बाद पूर्व अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, नरेंद्र वेद ने पद हस्तांतरण कर नए अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को शुभकामनाएं और बधाई दी। शपथ ग्रहण से पूर्व समाज के वरिष्ठ समाजसेवी अशोक बड़जात्या ने नए अध्यक्ष के चयन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह दिगंबर जैन समाज के लिए गौरव का अवसर है, क्योंकि किसी भी समाज का अध्यक्ष समाज की दशा बदलता है और दिशा प्रदान करता है। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ श्रेष्ठी डॉ. अनुपम जैन ने कहा कि दिगंबर समाज के लिए यह सुखद है कि समाज के दो गुट एक होकर समाज के ऐसे व्यक्तित्व के साथ खड़े हुए हैं, जो समाज के लिए, समाज को आगे ले जाने के लिए सजग भी हैं और संकल्पित भी। कार्यक्रम को प्रदीप शास्त्री ने भी संबोधित किया।
यह समाज जन मंचासीन रहेजाल सभागृह में आयोजित दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर की साधारण सभा और अध्यक्षीय शपथ विधि समारोह में पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र वेद, राजकुमार पाटोदी, धीरेंद्र कासलीवाल, बाहुबली जैन, नमीष जैन, दिलीप दोसी, प्रकाश छाबड़ा, मनोज बाकलीवाल, एसके जैन इंडोरामा, धर्मेंद्र जैन सिमकेम, वीरकुमार जैन, संगीता विनायका, उषा पाटनी, कैलाश लुहाड़िया, विमल झांझरी, अनिल जैनको, रानी दोषी, अशोक बड़जात्या, जैनेश झांझरी, समन्वयक डीके जैन, सुरेंद्र जैन, नकुल पाटोदी मंचासीन रहे। संचालन अनामिका बाकलीवाल ने किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ करते हुए आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण अतिथियों ने किया और दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर पूरा जाल सभागृह आचार्य श्री विद्यासागर जी के जयकारों से गूंज गया।
शपथ के बाद बाकलीवाल ने अपनी आगामी कार्ययोजना बताई शपथ ग्रहण के बाद अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नए अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने समाजजनो को संबोधित करते हुए अपनी कार्ययोजना बताई। उन्होंने बताया कि समाज का अपना मैरेज गार्डन सहित अन्य योजनाओं को प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने कहा कि मैंने देव, शास्त्र, गुरु के नाम की शपथ ली है तो समाज के उत्थान के लिए मैं कृतसंकल्प लेता हूं। कार्यक्रम के दौरान समाजजनो ने बाकलीवाल का अभिनंदन किया। इस अवसर पर ढोल नगाड़ों के साथ आतिशबाजी भी की गई।






