मुरैना। नेशनल हाईवे किनारे स्थित ज्ञानतीर्थ में जैसवाल महिला मंडल के तत्वावधान में हरियाली तीज का पर्व भक्तिभाव, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान की आराधना एवं पूजन के साथ हुआ। महिलाओं ने भक्तिभाव से ओतप्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसके पश्चात मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। महिलाओं ने पौधों की देखभाल करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया।
आयोजन अब परंपरा का रूप ले चुका
आयोजन के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक गेम्स भी किए गए, जिनमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक आस्था, मनोरंजन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों का सुंदर समन्वय कार्यक्रम की विशेषता रहा। जैसवाल महिला मंडल की भावना जैन ने बताया कि ज्ञानतीर्थ पर हरियाली तीज मनाने की परंपरा कुछ वर्ष पूर्व उस समय शुरू हुई थी, जब मुनि श्री ज्ञानसागर महाराज यहां विराजमान थे। उनके सान्निध्य में प्रारंभ हुआ यह आयोजन अब परंपरा का रूप ले चुका है और प्रतिवर्ष महिलाओं द्वारा उत्साह के साथ हरियाली तीज मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को धार्मिक एवं सामाजिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिलता है।
यह महिलाएं उपस्थित रहीं
महिलाओं ने कहा कि हरियाली तीज केवल उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, आस्था और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी है। पौधरोपण को पर्व की सार्थकता से जोड़ते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिला मंडल की अध्यक्ष मुन्नी साहुला, उपाध्यक्ष सुनीता जैन, सचिव पिंकी जैन, कोषाध्यक्ष मालती जैन, कुसुम जैन सहित महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
वयोवृद्ध चंद्रकांता जैन का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज की वयोवृद्ध एवं धार्मिक आस्था के प्रति समर्पित चंद्रकांता जैन का सम्मान कर अभिनंदन किया गया। महिलाओं ने उनके अनुभव, धार्मिक निष्ठा एवं समाज के प्रति योगदान को सराहा। इस अवसर पर कहा गया कि बुजुर्ग परिवार की धरोहर होने के साथ-साथ समाज की जीवंत स्मृति और संस्कारों के वाहक होते हैं। उनके अनुभव एवं जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को निरंतर सीख मिलती है। इसलिए बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।




