आचार्य सुन्दर सागर जी महाराज ने भक्तजनों को अपने संबोधन में आगे कहा कि मुमुक्षु वह होता हैस जो हर क्षण आत्मा में रमण करने का भाव रखता है। मोक्ष में जाने की प्यास रखने वाला मुमुक्षु है। जो अरिहंत है, वह पथ हमारा है।

आचार्य सुन्दर सागर जी महाराज ने भक्तजनों को अपने संबोधन में आगे कहा कि मुमुक्षु वह होता हैस जो हर क्षण आत्मा में रमण करने का भाव रखता है। मोक्ष में जाने की प्यास रखने वाला मुमुक्षु है। जो अरिहंत है, वह पथ हमारा है।
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103 वर्षीय सीकर निवासी प्रवासी चेन्नई की 7 प्रतिमाधारी व्रती कमला देवी स्वर्गीय रतन लाल जी का देह परिवर्तन 5 अक्टूबर की रात्रि को हो गया। उनकी विमानडोला यात्रा मंगलवार को दंग की नसिया से नगर के प्रमुख मार्गो से हुए मुक्ति धाम पहुंची। सीकर से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की यह रिपोर्ट...
सीकर • Shreephal Jain News • 07-10-2026, 10:42 am
तप, त्याग, ज्ञान और साधना से आलोकित आचार्य श्री सुनीलसागर जी का जीवन अनगिनत भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी धर्मप्रभावना, प्राकृत भाषा के संरक्षण और समाज में संस्कार एवं सदाचार के प्रसार की यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे। इंदौर से पढ़िए, आर्यिका संपूर्णमति माताजी की कलम से यह विशेष आलेख...
इंदौर • Shreephal Jain News • 07-10-2026, 10:40 am