धामनोद। दशलक्षण महापर्व की समाप्ति के बाद धामनोद जैन समाज ने राज पैलेस में मैत्री मिलन समारोह आयोजित किया। मुनिसेवा समिति के तत्वावधान में हुए समारोह में महिला-पुरुषों, महिला मंडल तथा समाजजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। प्रतियोगिताओं, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक आत्मीयता से कार्यक्रम यादगार बना।
मंगलाचरण से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति जैन के मंगलाचरण से हुआ। विशेष अतिथि भोपाल से पधारे विद्वान पंडित कमल जैन रहे। अतिथि के रूप में बावनगजा कमेटी ट्रस्टी नरेंद्र जैन, पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद जैन, संयोजक राकेश जैन एवं सचिव प्रभा प्रधान उपस्थित रहे। अध्यक्षता समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान ने की।
अतिथियों का मोती की माला, दुपट्टा और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।
तपस्वियों का सम्मान
दस उपवास की तपस्या करने वाले प्रणीति जैन को सम्मानपत्र प्रदान कर अभिनंदन किया गया। इसी श्रृंखला में चार, तीन, दो और एक उपवास सहित वर्षभर विभिन्न उपवास करने वाली मीना जैन, मीना प्रधान, सुरक्षा जैन, किरण जैन, अंतिम जैन, सीमा मंडलोई, बड़कुल मैडम एवं पूर्णिमा जैन का सम्मान किया गया।
सेवाभावी समाजजनों को मिला सम्मान
विशेष सेवा के लिए पूर्णिमा जैन, राकेश जैन, अनिल जैन, पंडित नितिन जैन एवं अशोक प्रधान का सम्मान किया गया। मुनिसेवा समिति के अध्यक्ष सचिन, सचिव संजय संस्कार एवं पूरी टीम को भी सम्मानित किया गया।
मंदिर के सेवादार किरण एवं आरती ठाकुर तथा शास्त्र जीर्णोद्धार में योगदान देने वाली महिला टीम—सोना जैन, अंकिता जैन, रश्मि जैन, सीमा नरेंद्र महान, लीना जैन, दीप्ति जैन, चीकू जैन एवं जया जैन सहित सहयोगियों की सेवाओं की सराहना की गई।
विद्वान कमल जैन का अभिनंदन
महापर्व के दौरान मां जिनवाणी का ज्ञानरस प्रदान करने एवं दशलक्षण धर्म पर मार्गदर्शन देने के लिए पंडित कमल जैन का मोती की माला, दुपट्टा, श्रीफल एवं अंगवस्त्र से भव्य सम्मान किया गया।
पाठशाला आरंभ करने की घोषणा
समारोह में शांति-वर्धमान विद्या विशुद्ध जैन पाठशाला प्रारंभ करने की घोषणा की गई। यह पाठशाला समाज के तत्वावधान में संचालित होगी। विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
अध्यक्ष दीपक प्रधान ने समाज की वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष निधि जैन ने किया तथा आभार सचिव प्रभा प्रधान ने व्यक्त किया। समाजजनों ने वात्सल्य भोज का आनंद लिया और परस्पर हुई भूलों के लिए क्षमा याचना की।
श्रीफल साथी : यश जैन एवं अजय जैन, धामनोद




