इंदौर। इंद्रपुरी चातुर्मास उत्सव में रविवार को प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने संयम मार्ग पर चलने के लिए मंगल देशना में सीख देते हुए कहा कि एक्शन बदलने से सेक्शन बदल जाता है। कभी-कभी सेक्शन बदलने से एक्शन बदल जाता है। साधु संतों के साथ बैठने से मोक्ष मार्ग पर चलने का भाव आ जाता है। उनका सानिध्य ही श्रमण मार्ग का ज्ञान ही देता है। आचार्यश्री ने कहा कि साधु बनना है तो साधना के मार्ग पर आ जाना। महाराज तो दुनिया में बहुत मिल जाएंगे। कमी तो साधुओं की है। भाषा बदलो, एक्शन बदलो, कभी सेक्शन बदलो। जिसने कभी संन्यासी के साथ चलने का भाव कर लिया तो उसका जीवन बदल जाता है।

संन्यास का मार्ग अपने जीवन का सुधार का मार्ग
आचार्यश्री ने कहा कि चेंज योर लाइफ। कविता की पंक्ति सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि झांक रहे सबके आंगन, अपना आंगन झांके कौन। ढूंढते रहे दुनिया में खामी, अपने मन में झांके कौन, सबके भीतर चंचल बैठा उसे ललकारे कौन। संन्यास का मार्ग अपने जीवन का सुधार का मार्ग है।
आयु तो यमराज का मुकुट है
प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी ने कहा कि संसार के दुखों से मुक्त होना चाहते हो श्रामण्य को स्वीकार करो। अपने शरीर की चिंता मत करो। आयु तो यमराज का मुकुट है। 7 लाख लोग तो नींद में ही मर जाते हैं। हम हैं कि हर काम कल पर टालते जाते हैं। जो भी करना है अभी कर लो। एक-एक शब्द पर गौर करो। अच्छा कार्य करना है। सुकार्य की शुरुआत आज से ही करो। उन्होंने कहा कि आयु भ्रम है। आपके बिग लगाने से यमराज मूर्ख नहीं बन जाएगा। बाल काले करने से आयु नहीं बढ़ जाएगी। सबकुछ बदलने के रास्ते पर चलें।
पैसा पास निरोगी काया
आचार्यश्री ने कहा कि पैसा पास निरोगी काया। घर में झोपड़ी में आग लगने पर कुएं खोदने से क्या लाभ। आत्मशुद्धि से अपने जीवन को बदलो। उन्होंने कहा कि श्रमण मार्ग को केशलोच वालों का मार्ग है। केश संवारने का नहीं है। नाम शाश्वत नहीं है।
ज्ञान की कमी नहीं
आचार्यश्री सुनीलसागर जी ने कहा कि ज्ञान की दुनिया में कमी नहीं है। थोक में मिल रहा है। एक बार एआई इतना ज्ञान दे देगा, जितना आपकी बाई ने भी नहीं दिया होगा। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर के लिए सही टेक्निलॉजी से दूर रहो। आध्यात्मिक दृष्टि को समझो और अपने जीवन को बदलो।
इन्होंने पाद प्रक्षालन, चित्र अनावरण किया
दुर्ग से प्रदीप हंडावत, वापी से राहुल पाटनी, विनोद पगारिया, हैदराबाद से सुमित पांडया, देवेंद्र सेठी आदि ने आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन और आचार्य श्री आदिसागर जी, सन्मतिसागर जी के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया।
इंद्रलोक बहुमंडल ने किया मंगलाचरण
इंद्रपुरी चातुर्मास उत्सव में समिति की ओर से मंगलाचरण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके तहत रविवार को इंद्रलोक बहु मंडल की महिलाओं ने सुंदर भजनों पर मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इसी अवसर पर सन्मति सुनील संस्कार अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके पोस्टर का विमोचन इंदर सेठी, कैलाश लुहाड़िया, देवेंद्र सेठी, प्रदीप पाटोदी आदि ने किया। कार्यक्रम में मोटिवेशन स्पीच दिल्ली से आए उज्जवल पाटनी ने दी। इसी दौरान भक्ति गीत रितिक जैन ने प्रस्तुत किया गया। उनका गाया भजन भी आचार्य श्री के सानिध्य में लांच किया गया।
दीक्षार्थियों की गोद भराई हुई
इस अवसर पर औरंगाबाद के प्रसन्न पाटनी सहित वकीलचंद जैन, यश भैया आदि पांचों दीक्षार्थियों की गोद भराई सुदृढ़मति श्री माताजी और आचार्य श्री संघ के सानिध्य में इंदर सेठी, कैलाश लुहाड़िया सहित चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों ने की।



