विश्व जैन संगठन ने मांग की है कि राजस्थान राज्य में जैन मुनियों की सुरक्षा, जैन तीर्थों की सुरक्षा संरक्षण और संवर्धन हेतु राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनयन अति आवश्यक है। पढ़िए यह रिपोर्ट...
इंदौर। विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सलेक चंद जैन ने बताया कि 2023 में राजस्थान राज्य सरकार द्वारा श्रमण संस्कृति बोर्ड का गठन किया गया था और अध्यक्ष आदि पदों पर 5 जैन व्यक्तियों का मनोनयन किया गया था। राज्य में चुनाव के पश्चात नई सरकार बनने पर बीते 17 दिसंबर को निर्देश से सभी 5 सदस्यों की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया था। आकाश जैन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं विश्व जैन संगठन के मध्यप्रदेश के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जैन धर्म अल्पसंख्यक धर्म है और पूरे देश में जैन तीर्थों पर अतिक्रमण व अनिधिकृत कब्जे हो रहे हैं व जैन मुनियों पर आए दिन हमले व अनर्गल टिप्पणी होती रहती हैं।

राजस्थान राज्य में जैन मुनियों की सुरक्षा, जैन तीर्थों की सुरक्षा संरक्षण और संवर्धन हेतु राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनयन अति आवश्यक है। मयंक जैन, अध्यक्ष विश्व जैन संगठन इंदौर ने कहा कि राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड में अध्यक्ष व सदस्यों का मनोनयन शीघ्र अतिशीघ्र किया जाए।