आर्यिका नंदीश्वर मति माताजी का जनकपुरी में मंगल प्रवेश : महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रख पाद प्रक्षालन किया

आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के पट्ट शिष्य आचार्य श्री भरत सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी का श्री पार्श्वनाथ भवन जयपुर से बुधवार को सायंकाल मंगल विहार होकर भट्टारक जी की नसियां में रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार को प्रातः जनकपुरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। जयपुर से पढ़िए, यह खबर...
जयपुर। आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के पट्ट शिष्य आचार्य श्री भरत सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी का श्री पार्श्वनाथ भवन जयपुर से बुधवार को सायंकाल मंगल विहार होकर भट्टारक जी की नसियां में रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार को प्रातः जनकपुरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। विहार में खंडाका परिवार के सतीश खंडाका अशोक खंडाका, मुकेश जैन, महावीर जैन, भागचंद जैन, पदम जैन बिलाला आदि के अलावा जनकपुरी समाज के अध्यक्ष बुद्धिप्रकाश छाबड़ा, ज्ञानचंद जैन, मुकेश पाटनी, नवीन पांड्या, विनय सेठी, वर्षा सेठी, वीरेश झांझरी, कमलेश पाटनी आदि साथ रहे। माताजी का जनकपुरी मंदिर पर महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पाद प्रक्षालन और आरती के साथ समाज जनों की उपस्थिति में मंगल स्वागत अभिनंदन किया। मंदिर जी में माताजी ने दर्शन के बाद विश्व शांति के लिए शांतिधारा का वाचन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्मसभा में मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर प्रबंध समिति ने विहार में बाहर से पधारे सभी भक्तों का सादर स्वागत किया।
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