आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का जहाजपुर से मंगल विहार: पीपलू में जिन मंदिर का होगा शिलान्यास समारोह

जहाजपुर स्वस्तिधाम तीर्थ प्रणेत्री गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का विहार श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर प्यावड़ी के लिए हुआ। प्यावडी में अति प्राचीन जैन अतिशय क्षेत्र है। जहां पर भव्य मनोहारी चंद्र प्रभु की मनोहर प्रतिमा विराजमान है। जिनके दर्शन मात्र से अंतर्मन में दिव्य शांति महसूस होती है। प्यावड़ी पीपलू से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर...
प्यावड़ी पीपलू (टोंक)। जहाजपुर स्वस्तिधाम तीर्थ प्रणेत्री गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का विहार श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर प्यावड़ी के लिए हुआ। प्यावडी में अति प्राचीन जैन अतिशय क्षेत्र है। जहां पर भव्य मनोहारी चंद्र प्रभु की मनोहर प्रतिमा विराजमान है। जिनके दर्शन मात्र से अंतर्मन में दिव्य शांति महसूस होती है। कई बार पूर्णिमा को प्रातःकाल अभिषेक के समय चांदी के सिक्के अपने आप वेदी पर गिरते हैं और कई बार केसर भी दिखाई दी। जिसका समाचार कई जैन पत्र पत्रिकाओं में प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुआ। जब मैं पहली बार यहां पहुंचा तो बाबा के दर्शन करने के बाद वहां से दूर जाने को मन नहीं हुआ। श्रेयांश जैन ने बताया कि यहीं से 6 किमी की दूरी पर पीपलू गांव है। वहां जैन समाज के 400 लोग निवास करते हैं। वहीं के जैन समाज के युवा पीढ़ी की टीम प्रतिदिन अभिषेक करने इस अतिशय क्षेत्र पर आते हैं। इस शिलान्यास समारोह को मुनिश्री इंद्र नंदी जी ससंघ का सानिध्य प्राप्त होगा। इस मंदिर का भव्य शिलान्यास का आयोजन प्रतिष्ठाचार्य पंडित मनोज शास्त्री बगरोही एवं अनुष्ठाचार्य कपिल भैया इंदौर के निर्देशन में अपार श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। साथ जी आर्यिका स्वस्तिभूषण माता जी का 30वां दीक्षा समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
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