उत्तर प्रदेश से नवीन जैन (भाजपा) को राज्य सभा के लिए हुए निर्वाचन में विजयी घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए 10 सदस्यों का निर्वाचन होना था । जिसमें भाजपा ने 08 और सपा ने 03 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्य संख्या के हिसाब से भाजपा के 07 एवं सपा के 03 उम्मीदवार जीतना निश्चित था, लेकिन सपा के कुछ विधायको द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने के कारण भाजपा के 08 और सपा के 02 सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट...
आगरा। उत्तर प्रदेश से नवीन जैन (भाजपा) को राज्य सभा के लिए हुए निर्वाचन में विजयी घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए 10 सदस्यों का निर्वाचन होना था । जिसमें भाजपा ने 08 और सपा ने 03 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्य संख्या के हिसाब से भाजपा के 07 एवं सपा के 03 उम्मीदवार जीतना निश्चित था, लेकिन सपा के कुछ विधायको द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने के कारण भाजपा के 08 और सपा के 02 सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए। भाजपा द्वारा घोषित सूची में सातवें नंबर पर आगरा के पूर्व महापौर नवीन जैन को प्रत्याशी बनाया गया था । 27 फरवरी को लखनऊ विधानसभा भवन में प्रातः से शाम 4 बजे तक मतदान कराया गया। शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ हुई। जिसमें भाजपा के 8 एवं सपा के 2 प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया गया, इसमें नवीन जैन भी शामिल रहे।राजनीतिक सफर
नवीन जैन ने 40 साल पहले भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य के तौर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। 1980 में वो बीजेपी की ओर से वार्ड अध्यक्ष बने और 1989 में उन्होंने पहली बार, भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा। नवीन जैन 1989 में पहली बार पार्षद चुनकर आगरा नगर निगम पहुंचे फिर 1995 में दूसरी दफा उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1997 में नवीन जैन को आगरा का डिप्टी मेयर चुना गया था संगठन में भी उनकी पकड़ मजबूत रही। ब्रजक्षेत्र के साथ ही वह प्रदेश में सहकोषाध्यक्ष बने।
मेयर बनने के बाद संभाली ये जिम्मेदारीवर्ष 2017 में मेयर चुने जाने के बाद उन्होंने ऑल इंडिया मेयर काउंसिल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। पार्टी ने उनके नाम की घोषणा अल्पसंख्यक कोटे को तो पूरा किया है और जातिगत समीकरणों को भी साध लिया है।
मेयर के रूप में रहे सफलमेयर के रूप में जनता से जुड़े रहने वाले नवीन जैन ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे कार्य किए जो आज भी याद किए जाते हैं। ऑल इंडिया मेयर काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने आगरा का मान बढ़ाया था। संगठन में भी उनकी साफ सुथरी छवि है। इसको देखते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया।
शहर में कराए विकास कार्यपूर्व मेयर नवीन जैन ने नवीन आगरा के नाम से अभियान शुरू कर शहर में विकास कराया था। उनके द्वारा मेयर के रूप में किए गए शहर के सुंदरीकरण के प्रयासों को आज भी सराहा जाता है। वैश्य समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। शालीनता और सभी के साथ मिलकर चलने की उनकी छवि से पार्टी में भी सकारात्मक रुख था।
पिता चलाते थे चाय की दुकान14 अक्टूबर 1962 को आगरा में जन्मे नवीन जैन बताते हैं कि उनके पिता एलआईसी बिल्डिंग के पास चाय की दुकान चलाते थे और चाय वाले जैन साहब के नाम से उनके पिता की दुकान मशहूर थी। नवीन जैन ने आगरा में रहकर ही अपनी शिक्षा दीक्षा पूरी की और बड़े भाइयों के साथ मिलकर नए कारोबार की शुरुआत की। नवीन जैन का कारोबार और कंपनी देश की प्रतिष्ठित कंस्ट्रक्शन कंपनियों में से एक है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजे जाने वाले सदस्यों की सूची जारी होने के बाद से ही नवीन जैन के कमला नगर स्थित घर पर प्रशंसकों का तांता लगा हुआ है।
इतनी है नेट वर्थउत्तर प्रदेश नगर निगम चुनाव 2017 के दौरान घोषित की गई संपत्ति के अनुसार नवीन जैन के पास कुल 409 करोड़ की संपत्ति है। नवीन जैन की नेट वर्थ 2017-2018 के दौरान नवीन जैन ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए अपनी आय 67,40,139 रुपए दिखाई है। उनके पास कुल 4,09,80,30,044 यानी की 409 करोड़ की संपत्ति है। 366 करोड़ का खुद के नाम से, 1 करोड़ का पत्नी के और डिपेन्डेन्ट 1 और 2 को मिला कर 94 करोड़ रुपए के कंपनियों में बांड, डिबेंचर और शेयर जैन ने ले रखे हैं। उनके पास 94 लाख के मूल्य की तो उनकी पत्नी के पास 4 करोड़ के मूल्य की ज्वेलरी है जबकि उनके ऊपर आश्रित दोनों व्यक्तियों के पास सम्मिलित रूप से 51 लाख रुपए के मूल्य के गहने हैं। आपके ज्येष्ठ भ्राता प्रदीप जैन भी वरिष्ठ उद्योगपति एवं समाजसेवी हैं।




