आगरा। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, ताजगंज में मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीलसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 सुप्रभातसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में धर्मसभा आयोजित हुई। ताजगंज जैन समाज ने मुनिसंघ का श्रद्धाभाव से स्वागत किया।

धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य विरागसागर जी महाराज के चित्र अनावरण से हुआ। इसके पश्चात समाजजनों ने मुनिसंघ का पाद प्रक्षालन कर विनय समर्पित की। सायंकाल मुनिसंघ का ताजगंज जैन मंदिर से राहुल विहार जैन मंदिर के लिए मंगल विहार हुआ।

संसार की व्यवस्था अनादि से प्रवाहमान है

मुनि समत्वसागर जी महाराज ने कहा कि संसार की व्यवस्था अनादि काल से प्रवाहमान है और उसे कोई बदल नहीं सकता। सूर्य पूर्व से उदित होता है और पश्चिम में अस्त होता है; कमल सरोवर में खिलता है, समुद्र में नहीं। जीव पहले भी भरण-पोषण के लिए कार्य करता था और आज भी करता है।

उन्होंने कहा कि दिन में पहले भी 24 घंटे थे और आज भी 24 घंटे ही हैं। पारिवारिक और सांसारिक व्यवस्थाएं भी पहले थीं और आज भी हैं। इच्छाओं की पूर्ति के लिए मनुष्य को जीवनभर श्रम करना पड़ता था और आज भी पड़ता है।

चार संज्ञाओं को समझें

मुनिश्री ने कहा कि प्रत्येक जीव में अनादि काल से आहार, भय, मैथुन और परिग्रह—ये चार संज्ञाएं विद्यमान हैं। जिसने संसार की इस व्यवस्था को समझ लिया, वह अपने शुद्ध स्वभाव की ओर आगे बढ़ने का पुरुषार्थ कर सकता है।

उन्होंने कहा कि केवल यह सोचना पर्याप्त नहीं कि पहले के लोगों के भाव अच्छे थे और आज के नहीं। भाव व्यक्ति के अपने हैं, जबकि परिस्थितियां बाहरी हैं। दोनों एक-दूसरे को प्रभावित अवश्य करते हैं, किंतु अपने परिणामों को संभालने का पुरुषार्थ स्वयं को ही करना होता है।

सुंदर भावों के लिए चारों कारण आवश्यक

मुनिश्री ने कहा कि जैसे भोजन किए बिना पेट नहीं भर सकता, वैसे ही भावों को सुंदर बनाने के लिए द्रव्य, क्षेत्र, काल और भाव—चारों कारणों की भूमिका आवश्यक है। व्यक्ति को अपने मन में विकार न आने देने, प्रशस्त परिणाम बनाए रखने और आत्मकल्याण की दिशा में सजग रहने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम में सहभागिता

इस अवसर पर संजय कुमार जैन, संजय बाबू जैन, विजय जैन, योगेश जैन, विनय जैन, उत्सव जैन, मीरा जैन, ऋतु जैन, गीता जैन, मालती जैन, रुक्मणी जैन, मिथिलेश जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, समस्त मंडल एवं सकल जैन समाज उपस्थित रहा।

श्रीफल साथी : राहुल जैन, आगरा