आगरा। ताजगंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को उत्तम शौच धर्म की श्रद्धा एवं भक्तिभाव से आराधना की गई। इस अवसर पर जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंतनाथ का मोक्ष कल्याणक भी मनाया गया।

अभिषेक-शांतिधारा के साथ हुई धर्म आराधना

प्रातः मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा कर विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। विधान पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाएं काव्य जैन शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुईं।

श्रद्धालुओं ने दशलक्षण धर्म की आराधना करते हुए आत्मशुद्धि, संयम और संतोष को जीवन में अपनाने की भावना की।

21 परिवारों ने चढ़ाए निर्वाण लाडू

भगवान पुष्पदंतनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर विशेष आराधना की गई। इस दौरान 21 परिवारों ने निर्वाण लाडू अर्पित कर भगवान के गुणों का स्मरण किया।

मोक्ष कल्याणक की आराधना के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह से धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।

मन की निर्मलता का संदेश देता है उत्तम शौच

उत्तम शौच धर्म का महत्व बताते हुए कहा गया कि शौच का अर्थ केवल बाहरी स्वच्छता नहीं, बल्कि मन की निर्मलता और परिग्रह से विरक्ति भी है।

लोभ और अनावश्यक संग्रह की भावना को कम कर संतोष, संयम एवं आत्मशुद्धि की दिशा में बढ़ना उत्तम शौच धर्म की साधना का प्रमुख संदेश है।

पूरे महापर्व में जारी रहेंगे धार्मिक आयोजन

मंदिर परिसर में दशलक्षण महापर्व के दौरान श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं दशलक्षण धर्म की आराधना के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में संजय बाबू जैन, विजय जैन, योगेश जैन, उत्सव जैन, मीरा जैन, सपना जैन सहित बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।