आगरा। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति, जयपुर हाउस के तत्वावधान में रविवार को आचार्य श्री सौभाग्यसागर महाराज के पावन सान्निध्य में क्षमावाणी पर्व समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मंदिर के नीचे स्थित हॉल में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए।
मंगलाचरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का शुभारंभ बालिकाओं के मनमोहक मंगलाचरण से हुआ। जयपुर हाउस की विभिन्न महिला मंडलों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक संस्कार, त्याग और क्षमा का संदेश प्रभावी रूप से रखा गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
तपस्वियों और सहभागी श्रद्धालुओं का सम्मान
दशलक्षण महापर्व के दस दिनों तक उपवास की साधना करने वाले तपस्वियों का स्वागत, अभिनंदन और सम्मान किया गया। समाजबंधुओं ने उनके त्याग, संयम और आत्मसाधना की अनुमोदना की।
महापर्व के दौरान विभिन्न पूजन-विधानों में सहभागिता करने वाले श्रद्धालुओं एवं परिवारों को भी प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर श्रद्धालुओं के चेहरे प्रसन्नता से खिल उठे।
क्षमा से जीवन में आती है निर्मलता
आचार्य श्री सौभाग्यसागर महाराज ने क्षमावाणी पर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि मन, वचन और कर्म से किसी को ठेस पहुंची हो तो विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगना तथा दूसरों को हृदय से क्षमा करना ही इस पर्व की सार्थकता है।
समारोह के अंत में समाजबंधुओं ने एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ कहकर परस्पर क्षमा याचना की। इसके पश्चात देवेंद्र कुमार जैन एवं धर्मेंद्र कुमार जैन परिवार की ओर से सभी परिवारों के लिए वात्सल्य भोज आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सहभागिता
समारोह में राकेश जैन पर्देवाले, दीपक जैन, विनोद रांवका, सुबोध पाटनी, राजीव प्रकाश जैन, मनोज जैन, नीरज जैन, महावीर प्रसाद जैन, अजय जैन, राहुल जैन, पंकज बैनाड़ा, तरुण रांवका, राजीव जैन, विकास जैन, पंकज जैन और विवेक जैन सहित शांतिनाथ युवा मंडल, शांतिनाथ महिला मंडल व स्वास्तिक महिला मंडल के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, महिला मंडल की सदस्याएं तथा समाजबंधु उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : आगरा




