अडिंदा पार्श्वनाथ। निकटवर्ती अतिशय क्षेत्र अडिंदा पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में अडिंदा ट्रस्ट द्वारा 130 शिक्षकों का सम्मान किया गया। समारोह में स्कूल शिक्षा परिवार से जुड़े हुए उदयपुर वल्लभनगर भिंडर ब्लॉक के निजी विद्यालयों के शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अजीत मानावत, मांगीलाल जैन, अनिल स्वर्णकार, दीपक जैन, स्कूल शिक्षा परिवार जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, संभाग प्रभारी सीपीरावल अनुभव गौड,दिलीप आमेटा कुशाल सिंह शक्तावत मदन नागदा सहित पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ चित्र अनावरण , दीप प्रज्वलन ,मंगलाचरण, अर्घ्य समर्पण से हुआ। स्कूल शिक्षा परिवार ब्लॉक प्रभारी अनिल स्वर्णकार ने बताया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश हिंसावत, कमल सागोटिया, शांतिलाल भदावत, अजीत मानावत, मैनेजर दीपक जैन सहित ट्रस्ट परिवार की ओर से तिलक,उपरना, प्रतीक चिन्ह और पुस्तिका देकर सभी का सम्मान किया गया।

गुरु ना हो तो जीवन अधूरा

इस अवसर पर गणिनी आर्यिका सुभूषणमति माताजी ने कहा कि गुरु ना हो तो जीवन अधूरा है। सैनिक देश की रक्षा करता है तो शिक्षक हमारे भविष्य की रक्षा करता है। पेट पेटी व कोठी भरना शिक्षा का उद्देश्य नहीं अपितु भावी आदर्श नागरिक तैयार करना शिक्षा का उद्देश्य व शिक्षक का कर्तव्य हैं। शिक्षा का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए। मां संस्कारों का बीजारोपण करती है तो शिक्षक उसमें फल फूल लगाते हैं।

संस्कृति की रक्षा में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका

शिक्षक के लिए विचारों की पवित्रता, आहार की पवित्रता,, समय का पाबंदी होना आवश्यक है। यदि मां अपनी संतान को खून के संबंध से पालती है परंतु शिक्षक नैतिकता के संबंध से विद्यार्थी का जीवन सवारता है। यदि राष्ट्र को बचाना है तो भारतीय संस्कृति की रक्षा करना बहुत आवश्यक है संस्कृति की रक्षा में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है।