आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज की चातुर्मास स्थापना सम्पन्न
संवाददाताShreephal Jain Newsइंदौर
धन का सही उपयोग धर्म में दान देने मेंन्यूज सौजन्य - ब्र. उमंग भैया,कुणाल जैनप्रतापगढ़। आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज की चातुर्मास स्थापना रविवार को दोपहर में सम्पन हुई। चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम सन्मति सागर समवशरण सभा ग्रहण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा, उप जिला प्रमुख सागरमल जी बोहरा विशेष अतिथि अशोक नस्नावत थे। आचार्य श्री के पादप्रक्षाल का लाभ विधायक रामलाल मीणा को प्राप्त हुआ। अतिथियों का समाज की बालिका द्वारा नृत्य से स्वागत किया गया। संचालन पंडित भागचंद जैन, ब्र. विकास भैया, उमंग भैया ने किया।
प्रतापगढ़,बोरिया, मूंगाणा,उदयपुर, बदौड़िया, बांसवाड़ा, लोहारिया,रिछा, धरियावाद, रतलाम, दिल्ली, गामड़ी, पारसोला, घाटोल, मोहनकालोनी बांसवाड़ा, सुन्दर सागर युवा मंच और प्रतापगढ़ के महिला, पुरुष मंडल के सदस्यों द्वारा पूजन किया गया।इस मौके पर आचार्य श्री सुन्दर सागर जी ने प्रवचन करते हुए कहा कि हर क्रिया में णमोकार पढ़ते हैं। णमोकार पवित्र अपवित्र दोनों अवस्थाओं में पढ़ा जाता हैं। जब बीमार पड़ते हो तो डॉक्टर जैसा करते हैं वैसा करते हैं। धन का सही उपयोग धर्म में दान देने से ही है।
इन्हें मिला कलश स्थापना का लाभप्रथम मुख्य कलश का सौभाग्य रजावत मयंक जी अशोक जी परिवार रींछा को प्राप्त हुआ। आचार्य सन्मति सागर मंगल कलश मनीष, गौरव, नितिन जैन, आचार्य विमल सागर कलश -गुप्त दान, आचार्य महावीर कीर्ति कलश सुमित निषित जी दोशी परिवार ,आचार्य आदिसागर कलश -राजमल जी कल्पना स्टोर प्रतापगढ़ को प्राप्त हुआ।
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