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केशलोचन के माध्यम से साधुओं ने दिया त्याग, तप और अहिंसा का संदेश: चंद्रपुरी जिनालय में मुनिराजों और आर्यिका माताजी ने श्रद्धालुओं की उपस्थिति में किया केशलोचन, उपवास कर निभाई परंपरा

जयपुर के चंद्रप्रभ जिनालय, चंद्रपुरी में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के शिष्यों ने विधि-विधान से केशलोचन किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने त्याग, तप और अहिंसा की अनूठी साधना का साक्षात दर्शन किया। पढ़िए डॉ. राजेश पंचोलिया, की यह खबर जयपुर के बड़ के बालाजी स्थित चंद्रप्रभ जिनालय, चं

जयपुर Shree Phal News 29/5/2026, 10:36:57 pm

श्रमणों के पद विहार की सूचना दो दिन पहले दें : अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निर्देश, अत्यधिक गर्मी एवं हीटवेब से श्रमण सुरक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेब के बीच अब जैन श्रमणों ( साधु-साध्वियों ) की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। समाज श्रेष्ठियों से अपील की है कि वे श्रमणों से अत्यधिक गर्मी के समय दोपहर में बाहर नहीं निकलने के बारे निवेदन करें। केवल सुबह के समय ही पैदल विहार करें। बामनव

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 7:00:15 pm

मुनिश्री प्रसन्न सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश : जैन धर्म ध्वजा लिए मुनि श्री की अगवानी की, जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया

मुनि श्री प्रसन्न सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश शुक्रवार को बैंडबाजों की मंगल धुन के साथ हुआ। मुनि श्री का रैयाणा गांव से मंगल विहार हुआ। नौगामा नगर के सभी धर्म प्रेमी बंधु मुनि श्री की अगवानी के लिए पुरुष सफेद वस्त्रों में तथा महिलाएं केसरिया वस्त्रो में मंगल कलश लिए तथा जैन पाठशा

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 6:58:06 pm

जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के मुख्य प्रबंधक उमानाथ दुबे का आकस्मिक निधन: छाया शोक, राष्ट्रीय कमेटी के साथ ही मध्यांचल कमेटी ने दी श्रद्धांजली

श्रमण संस्कृति और दिगंबर जैन तीर्थों के संरक्षण संवर्धन में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी प्रधान कार्यालय मुंबई के मुख्य प्रबंधक एवं श्री बीसपंथी कोठी मधुवन, सम्मेद शिखर जी के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक उमानाथ दुबे का शुक्रवार को

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 6:27:27 pm

सृष्टि की अवस्था और सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है : नवीन वेदियों का विधि विधान के साथ हुआ शिलान्यास

सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है। जब तक तुम सृष्टि की अवस्था का ज्ञान नहीं करोगे तुम्हारे लिए सृष्टि समझ में ही नहीं आएगी। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। अशोकनगर से पढ़िए,

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 6:25:11 pm

ओल्ड ईदगाह कॉलोनी जैन मंदिर में मुनिश्री अनुपम सागर जी का मंगल प्रवेश : आयोजित हुआ उपनयन संस्कार समारोह

जैन धर्म की प्रभावना एवं नई पीढ़ी में धार्मिक संस्कारों के संवर्धन के उद्देश्य से श्रमण विशुद्धरत्न मुनि श्री अनुपम सागर ससंघ का शुक्रवार को ओल्ड ईदगाह कॉलोनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन क

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 6:20:19 pm

संत पंथ और संघ के नाम पर जिन शासन को बदनाम न करें: मुनिश्री आदित्य सागर जी ने संघ की मान्यताओं से बाहर निकलने की दी प्रेरणा

जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु यदि आपकी मान्यताओं का ना हो तो आप उसे नमस्कार नहीं करते। यह उद्गार शुक्रवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में अपन

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 6:17:36 pm

जैन मित्र मंडल ने किया नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का बहुमान : अ.भा.पल्लीवाल महासभा शाखा मुरैना की कमेटी गठित

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की शाखा मुरैना के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का जैन मित्र मंडल मुरैना द्वारा भव्य स्वागत सम्मान किया गया। जैन समाज की सेवाभावी संस्था जैन मित्र मंडल ने बताया कि विगत दिवस अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा शाखा मुरैना का निर्वाचन हुआ। मुरैना से पढ़िए, मन

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 3:37:53 pm

कमलानगर में विशाल धर्मसभा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब : आचार्यश्री ने दिया संयम और संस्कारों का संदेश, जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में धर्म, जीवन से जुड़े प्रश्नों का आचार्य श्री ने किया समाधान

ग्रेटर सकल दिगम्बर जैन समाज कमलानगर के तत्वावधान में आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज एवं मुनिश्री शिवदत्त सागर जी महाराज ससंघ जो इन दिनों डी-ब्लॉक कमलानगर में विराजमान हैं। जिसके मंगल सानिध्य में 29 मई को श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कमलानगर में विशाल धर्मसभा एवं जिज्ञासा समाधा

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 3:36:46 pm

आचार्यश्री वसुनंदी का रविवार को होगा भव्य मंगल प्रवेश : धर्म जागृति संस्थान के पदाधिकारी होंगे पुण्यागमन के सहभागी

आचार्य वसुनंदी महा मुनिराज ससंघ का तीर्थराज सम्मेद शिखर से कोलकत्ता के लिए चल रहे पद विहार में शुक्रवार को डबसन रोड हावड़ा जैन मंदिर में संघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जयपुर से पढ़िए, यह खबर... जयपुर । आचार्य वसुनंदी महा मुनिराज ससंघ का तीर्थराज सम्मेद शिखर से कोलकत्ता के लिए चल रहे

इंदौर Shree Phal News 29/5/2026, 3:35:34 pm

श्रीफल ओरिजिनल

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परिवार को महाभारत नहीं, रामचरितमानस बनाएं : रामचरितमानस कर्तव्यों के पालन और त्याग की गाथा महाभारत में 'अहंकार' प्रधान

आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह विचार आवश्यक हो गया है कि हम अपने घरों को कुरुक्षेत्र बनने से बचाएं। महाभारत और रामचरितमानस दो विपरीत जीवन-दृष्टिकोणों के दर्पण हैं। आज पढ़िए, अभय जैन " अकिंचन के यह विचार... आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह वि

इंदौर Shree Phal News 15/5/2026, 4:51:56 pm

विश्व परिवार दिवस पर विशेष आलेख : सिमटते रिश्ते, टूटते परिवार, बदलता परिवेश

मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह केवल नगरों का निर्माण, विज्ञान की प्रगति अथवा आर्थिक संपन्नता नहीं, अपितु परिवार नामक वह आत्मीय संस्था है। विश्व परिवार दिवस पर सुनील सुधाकर शास्त्री का यह आलेख... मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह के

इंदौर Shree Phal News 15/5/2026, 4:46:21 pm

गिरनार पर्वत जैनों का था है और रहेगा : जैन धर्म की तपस्या, त्याग और मोक्ष साधना का जीवंत प्रतीक है गिरनारजी

आस्था की उन शिलाओं पर आज भी नेमिनाथ प्रभु के चरणों की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। धरती पर कुछ स्थान ऐसे होते हैं जिन्हें केवल भूगोल से नहीं समझा जा सकता। वे इतिहास की पुस्तकों से भी बड़े होते हैं, क्योंकि वहाँ मनुष्य की आस्था सदियों तक साँस लेती रहती है। आज पढ़िए, ’डॉ. जयेन्द्र जैन ‘

इंदौर Shree Phal News 14/5/2026, 7:28:17 pm

तीर्थ यात्रा

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चमत्कारिक प्रतिमा और अटूट श्रद्धा का केंद्र — श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा महावीरजी : श्रद्धा, अतिशय और भक्ति का पावन तीर्थ

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 24/5/2026, 12:08:39 pm

भव्य मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण से जगप्रसिद्ध है प्राचीनता, आस्था और अतिशय का अद्भुत संगम है चंदेरी जैन तीर्थ क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 17/5/2026, 5:21:57 pm

सदियों पुरानी आस्था, अद्भुत चमत्कार और दिव्य ऊर्जा का अनोखा संगम 18 फीट ऊँची चमत्कारी प्रतिमा वाला बिनाजी जैन अतिशय क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 3/5/2026, 5:00:43 am

श्रीफल पाठशाला

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श्रीफल जिन पाठशाला 13 : लय बद्ध तरीके से याद करें चौबीस तीर्थंकरों के नाम चिन्ह

नई पीढ़ी में जैन संस्कारों का बीजारोपण कर उसे पोषित करने हेतु सहज ज्ञानशाला, इसमें आप मिलेंगे अंतर्मुखी श्री पूज्य सागर जी महाराज से जो हर शनिवार एक पाठ के जरिए आप को धर्म से जोड़ते हैं। आज की पाठशाला में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा लय बद्ध तरीके से चौबीस तीर्

इंदौर Shreephal Jain News 10/2/2024, 2:58:10 pm

संत परिचय

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संत परिचय-6 : आज पढ़िए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 21/6/2023, 12:00:09 pm

संत परिचय-1 : आज पढ़िए आचार्य श्री शान्तिसागर जी महामुनि का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 18/6/2023, 1:10:52 pm

संत परिचय-2 : आज पढ़िए आचार्य श्री वीर सागरजी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 16/6/2023, 11:50:04 am

वास्तु-ज्योतिष

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किसी को मिलेगी सफलता, कोई होगा परेशान : बुध का धनु राशि में गोचर, लोगों पर पड़ेगा असर

बुध ग्रह वृश्चिक की यात्रा पूरी कर धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में इस राशि पर गोचर करते हुए यह आगामी 13 दिसंबर को वक्री होंगे और 28 दिसंबर को फिर से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। वृश्चिक में गोचर करते हुए बुध नए साल में 2 जनवरी को मार्गी होंगे। इसका असर अलग-अलग जातकों पर

इंदौर संपादक 29/11/2023, 3:49:10 pm

देश दुनियां में आतंकवाद पर लगेगी लगाम और होगी अमन शांति : एक महीने में सभी नौ ग्रह बदल रहे हैं राशि और नक्षत्र

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि एक माह के भीतर सभी नौ ग्रह राशि और नक्षत्र बदल रहे हैं। इससे देश दुनियां में अमन- चैन बढ़ेगा । भारत में धर्म का परचम के साथ विश्व में सम्मान बढ़ेगा। वहीं ये ग्रह व्यक्ति की राशियों पर भी असर करेंगे। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट... म

इंदौर Shreephal Jain News 2/11/2023, 4:23:49 pm

बुध के गोचर से तीन राशियों की खुलेगी किस्मत: भद्र महापुरुष राजयोग बनने से बढ़ेगा मान-सम्मान

वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। बुध गणित ज्योतिष और लेखन के कारक माने गए हैं। बुध 24 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन से भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा। बुध के इस गोचर से तीन राशियों को उनकी किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जानिए इस बारे मे

इंदौर Shreephal Jain News 10/6/2023, 6:00:07 am

संस्कृति और पर्व

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इथोपिया और दक्षिणी अमेरिका तक फैला था जैन धर्म

डॉ. राजमल कोठारी ने जैन प्रतीक चिह्नों व मंदिरों का किया खुलासा श्रीफल न्यूज के लिए प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट जयपुर । अतीत में विश्व के हर देश में जैन धर्म का प्रभाव रहा है। कतिपय हस्तलिखित ग्रंथों में इस बात के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। ईसा से पूर्व ईराक, ईरान और फिलिस्तीन

इंदौर Shreephal Jain News 26/1/2023, 7:00:51 am

छह दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ : राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से निकाली गई घटयात्रा एवं रथयात्रा

आगरा@, शुभम जैन \ श्री मज्जिनेन्द्र श्री जिनंबिब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का का शुभारंभ शनिवार को घटयात्रा एवं रथयात्रा के साथ हुआ। गर्भकल्याणक पूर्वारूप के पहले दिन शनिवार को राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा मह

आगरा Shreephal Jain News 10/12/2022, 5:17:31 pm

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम -छठे दिन विधान में किये गए 256 अर्घ्य समर्पित मड़ावरा(ललितपुर)। धर्मनगरी मड़ावरा में अष्टानिका महापर्व के पावन दिनों में आचार्य भगवन विद्यासागर जी महा मुनिराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण श्री अभय सागर महाराज, श्र

इंदौर Shreephal Jain News 6/11/2022, 10:05:13 pm

ग्रन्थमाला

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ग्रंथ माला 7 जीवन की आवश्यकताएं बनती हैं दुःखों का कारण

जीवन की आवश्यकताएं कर्म का कारण हैं। इन आवश्यकताओं के कारण ही अच्छे और बुरे कर्मों का बंधन होता है। रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता ही हमें अच्छे और बुरे कर्मों की ओर प्रवृत करती हैं। इन्हीं के कारण राग-द्वेष, क्रोध, लालच आदि अवगुणों का जन्म होता है। इन आवश्यकताओं की पूर्ति में ही को

इंदौर Shreephal Jain News 23/2/2023, 6:00:01 am

ग्रंथमाला 6 : जो प्रशंसा के साथ गलतियां भी बताए, वही सच्चा

यह तुमने अच्छा किया। यह तुमने गलत किया। तुम्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। यह बात बताने वाला ही सच्चा मित्र होता है, क्योंकि वह तुम्हें जीवन की सच्चाई से अवगत करा रहा है। अच्छे कार्यों के लिए उत्साहवर्द्धन के साथ-साथ जो आपकी कमियों और अवगुणों की ओर भी आपका ध्यान आकर्षित करे

इंदौर Shreephal Jain News 16/2/2023, 5:58:03 am

ग्रंथ माला -5: सम्यक दर्शन के लिए धर्म के मूल रूप को पहचानना जरूरी

काल का प्रभाव कहें या सृष्टि में पाप कर्मों की बढ़ती मात्रा। संसार में चारों ओर अधर्म एवं अनुशासनहीनता बढ़ रही है। धर्म के मूल रूप त्याग, साधना, तप के स्थान पर पाखण्ड और बनावटी धार्मिक क्रियाओं को महत्व मिल रहा है। संसार की चकाचौंध में फंसे हुए तत्व धर्म के वास्तिक स्वरूप से परिचित

इंदौर Shreephal Jain News 9/2/2023, 6:00:30 am

जानना जरूरी : मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं

मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं संकलन - संदीप सेठी,गुवाहाटी इसके तीन कारण हैं... 1. दरअसल मनुष्य 108 प्रकार से पाप करता है। मुनि महाराज उन पापों को रोकने के लिए मुनि बनते हैं, इसलिए उनके नाम के आगे 108 लगाते हैं। 2. मुनि महाराज के 28 मूलगुण, 22 परीषहजयी, 13 प्रकार क

इंदौर Shreephal Jain News 3/3/2023, 5:00:37 pm

ज्ञान की बात

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धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ तालमेल बैठाना भी सीखें: लौकिक शिक्षा के साथ धर्म की शिक्षा ऐसी हो, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सके

हमारे गुरुजनों से यही विनती है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ उनमें तालमेल कैसे बैठे यह शिक्षा जरूर दें। बच्चों का आत्मविश्वास इतनी ऊंचाई तक पहुंचे की वह किसी भी मुश्किल घड़ी में घबराए नहीं, बल्कि उसका समाधान निकालें। ज्ञान की बात, आपके साथ में आज हिमानी

इंदौर Shreephal Jain News 18/2/2023, 8:00:31 am

ज्ञान की बता,आपके साथ: भगवान आदिनाथ का परिचय

gyaan kee bata,aapake saath: bhagavaan aadinaath ka parichay जैन धर्म इस काल के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ हुए है । इन्हें आदिब्रह्मा,ऋषभदेव नाम से भी जाना जाता है । जन्म अयोध्या में पिता का नाम नाभिराय और माता मरूदेवी था के यहां हुआ था । भगवान आदिनानाथ का जन्म इक्ष्वाकु वंशकुल

इंदौर Shreephal Jain News 30/12/2022, 6:14:19 pm

ज्ञान की बात, आपके साथ: भक्तामर स्त्रोत रचयिता श्री मानतुंगाचार्य का जीवन चरित

आज पढ़िए, धरियावद के नवीन के विचार जैन परम्परा में अति विश्रुत भक्तामर स्तोत्र के रचयिता हैं श्री मानतुंगाचार्य .. इनका जन्म वाराणसी में 'धनदेव' श्रेष्ठि के यहाँ हुआ था। इन्होंने अजितसूरी से दीक्षा ली। गुरु के पास से उन्हें अनेक चमत्कारिक विद्याएं प्राप्त हुईं और वे अपने समय के प

धरियावद Shreephal Jain News 23/12/2022, 6:43:59 pm

संतवाणी

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संतवाणी : समाज में समरसता आवश्यक है - मुनि श्री प्रमाण सागर जी

समाज में एकता आवश्यक है, अगर हाथ की पांचों उंगलियों में स्वयं को एक- दूसरे से सर्वश्रेष्ठ मानने की होड़ शुरू हो जाये, तो सोचिये क्या होगा। अंगूठा अहंकार से बोलेगा मैं तर्जनी से श्रेष्ठ हूं, तर्जनी बोलेगी मैं अनामिका से श्रेष्ठ हूं, मध्यमा बोलेगी मैं कनिष्ठा से श्रेष्ठ हूं और ऐसे य

इंदौर Shreephal Jain News 14/5/2023, 6:28:16 pm

राहुल विहार पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका हुआ विमोचन

आगरा . शुभम जैन \ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, राहुल विहार में आगामी 10 से 15 दिसंबर के मध्य पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, जिसके लिए श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का विमोचन किया। मुनि श्री अजित सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में बीते गुरुवार क

आगरा Shreephal Jain News 9/12/2022, 1:57:58 pm

इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर Shreephal Jain News 8/12/2022, 7:23:41 pm

सराकोद्धारक श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर विशेष

’प्रस्तुति-’ व्रह्मचारिणी बहिन अनिता दीदी इनमें दिखता है भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब ये संत कोई और नहीं इस युग के श्रेष्ठ आचार्याे में से एक है। इनमें भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब झलकता है। इनका वर्णन शब्दों में कर पाना बेहद कठिन ही नही, नामुमकिन है। इनके व्यक्तित्व को कवि की कविता,

इंदौर Shreephal Jain News 14/11/2022, 3:31:18 pm

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख आचार्यश्री शब्द का पर्यायवाची बन गए आचार्य विद्यासागरजी महाराज लेखक - राजेन्द्र जैन ‘महावीर’, सनावद जैन समाज हो या जैनेत्तर समाज, सभी के बीच यदि ‘आचार्यश्री’ शब्द निकल जाए तो आम जनमानस के म

इंदौर Shreephal Jain News 11/11/2022, 11:30:10 am

23 सितम्बर - जन्म दिवस पर विशेष - आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज

जैन धर्म के प्रखर प्रकाश पुंज -आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज राजधानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक के धर्मपुरा में सुप्रतिष्ठित परिवार के आंगन में एक तेजस्वी बालक ने दिनांक 23 सितम्बर 1965 को जन्म लिया जिसका नाम नीरज जैन रखा गया| कहते हैं कि किसी महापुरुष के जन्म लेने से पहले ही स

इंदौर Shreephal Jain News 23/9/2022, 5:23:31 pm

अभिषेक पूजन

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इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर Shreephal Jain News 8/12/2022, 7:23:41 pm

पूजन का समय

पूजन का समय 25 अक्टूबर 2022 सुबह 9:25से 10:35 वृश्चिक का लग्न और चल चौघड़िया दोपहर 2:27 से 4बजे तक कुम्भ का लग्न और शुभ का चौघड़िया शाम 7:33 से 9 बजे तक वृषभ का लग्न और लाभ का चौघड़िया शाम वाले समय अधिक ठीक है

इंदौर Shreephal Jain News 24/10/2022, 3:33:41 pm

श्रीफल प्रोत्साहन

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श्रीफल प्रोत्साहन- 3: आज के प्रश्न कुलकर से संबधित है

Loading… श्रीफल प्रोत्साहन 2 के सही उत्तर प्रश्न 1. कल्पवृक्ष कहा होते हैं ? उत्तर - भोग भूमि प्रश्न 2. उत्तमोत्तम वस्त्र प्रदान करने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं? उत्तर - इनमें से कोई नही प्रश्न 3. चंद्रमा के समान शीतल प्रकाश देने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं ? उत्तर - दीपांग प्रश

इंदौर Shreephal Jain News 24/2/2023, 6:26:06 pm

अंतर्मुखी की दिल की बात

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अंतर्मुखी की दिल की बात: अक्षय तृतीया पर अंतर्मुखी श्री पूज्य सागर महाराज का अप्रतिम चिंतन....

26 अप्रैल 2020,उदयपुर । अक्षय तृतीया जैन धर्म का बहुत बड़ा पर्व है क्योंकि आज ही के दिन हमारे जैन धर्म में दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। इसी दिन राजा श्रेयांस ने पहली बार भगवान आदिनाथ को इक्षुरस का आहार दिया था। इससे पहले आदिनाथ भगवान छह महीने तक घूमते रहे, लेकिन किसी को भी उन्हे

उदयपुर संपादक 26/4/2020, 5:38:37 pm

विशिष्ट योगदानकर्ताFeatured Contributors

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डॉ. नेहा जैन

मुंबई

शिक्षा और छात्रवृत्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान

PJ

प्रवीण जैन

जयपुर

तीर्थ सेवा और स्वास्थ्य शिविर आयोजन