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जैन भावनाओं पर आधारित कविताएं एवं पद्य रचनाएं

कविता: संजय बने सामायिक सागर : 26अप्रैल को नया इतिहास बना वैराग्य का

परतापुर में रविवार को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। यह क्षेत्र के लिए इतिहास रचने जैसा उत्सव रहा। इस पर डडूका के अजीत कोठिया की पढ़िए, यह कविता... बरसो की उसकी चाहत आज हुई पूरी। संजय ने छोड़ा घर, धारा दिगंबर भेष छोड़ी मैना, मुक्ति, नीरा मां पुत्र

इंदौर • Shree Phal News • 27-04-2026, 12:08 am

लव जिहाद और धर्मांतरण पर विशेष कविता : जो बिटिया अपनों को ठुकराती है

कविता कॉलम में आज पढ़िए बेटियों और लव जिहाद पर लिखी एड. अमित कुमार जैन चन्देरी की कविता दुश्मन की बातों में आके, अपनों को ठुकराती है ! छोड़के अपना वंश जो बिटिया, वंश दूसरे जाती है !! अपनी संस्कृति तजके, दुश्मन की संस्कृति अपनाती है! "आफताब" टुकड़े करते हैं, "फ्रिज" में रखी जाती ह

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-06-2023, 11:30 am

कविता : जगत पूज्य की महिमा

-सौरभ जैन भयंकर चंदेरी इशूरवारा की धरती पर जन्म हुआ था गुरुवर का अद्भुत पुण्य उदय में आया, धारा भेष दिगंबर का जय जयकार हुई ऐसी कि जयकुमार ही नाम हुआ विद्या गुरु की शरण मिली तो फिर जीवन सुखधाम हुआ शांति देवी की गोद में खेले रूप पिता की छाया में आगम के अनुरागी थे सो लिप्त हुए ना मा

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-02-2023, 10:06 pm

श्रीफल जैन न्यूज़ की प्रस्तुति काव्य संसार- पर्व

श्रीफल जैन न्यूज़ की प्रस्तुति काव्य संसार पर्व .पर्व है ये उत्तम स्वास्थ्य का, दीप जलाने का। शुद्ध विचारों के धन को मन में बसाने का। .पर्व है ये तन को नहीं मन को निखारने का। रूप-स्वरूप न बदलकर वीतरागिता को अपनाने का। पर्व है ये घर के बाहर नहीं मन के भीतर का अंधकार भी मिटाने का।

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 08:54 pm

वेदना वृक्ष की

(आज जब साँस लेने के लाले पड़ रहे हैं तब हमें पता लग रहा है कि, जो असली आॅक्सीजन का स्रोत हैं, वह हमारे वृक्ष ध्वनस्पति हैं। जो अनीति मनुष्य ने की है, परिणाम भी भुगतना तो पड़ेगा। क्या कहता है वृक्ष?) रचयिता - डाॅ.कमलेश जैन ‘वसंत’, तिजारा मैं वृक्ष हूँ ‘मनु’ मित्र तेरा, चाहता रहना चि

इंदौर • संपादक • 09-05-2021, 05:46 am