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सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत की करेंगे वंदना : 200 बुजुर्ग यात्रियों का जत्था हुआ रवाना


सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत की यात्रा वंदना करने के लिए 200 बुजुर्ग जैन तीर्थ यात्रियों का जत्था बस और छोटी गाड़ी से से रवाना हुआ। इस तीर्थ यात्रा के परम संरक्षक सुशील जैन छाबड़ा, महावीर जैन पांड्या और किशोर जैन पांड्या ने झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। सम्मेद शिखर में सभी श्रद्धालु भक्तजन मधुबन प्रातः 2:00 बजे डोली के द्वारा 27 किलोमीटर पहाड़ की परिक्रमा यात्रा करेंगे। पढ़िए राजकुमार अजमेरा और नवीन जैन की रिपोर्ट.. 


झुमरीतिलैया। सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत की यात्रा वंदना करने के लिए 200 बुजुर्ग जैन तीर्थ यात्रियों का जत्था बस और छोटी गाड़ी से से रवाना हुआ। इस तीर्थ यात्रा के परम संरक्षक सुशील जैन छाबड़ा, महावीर जैन पांड्या और किशोर जैन पांड्या ने झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। सम्मेद शिखर में सभी श्रद्धालु भक्तजन मधुबन प्रातः 2:00 बजे डोली के द्वारा 27 किलोमीटर पहाड़ की परिक्रमा यात्रा करेंगे। समाजसेवी सुरेश झाझंरी और समाज के पदाधिकारियों ने इस यात्रा का बीड़ा उठाने वाले कार्यक्रम के संयोजक रोनक कासलीवाल, लोकेश पाटोदी, सुमीत सेठी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर पर्वत का कण-कण पूजनीय है।

पूरे विश्व और भारतवर्ष से जैन धर्म के हजारों लोग प्रतिदिन इस तीर्थ क्षेत्र में आते हैं। सभी जैन धर्म के अनुयाई अपने जीवन में एक बार इस तीर्थ की यात्रा करना अवश्य करना चाहते हैं, संतों और शास्त्रों के मान्यता के अनुसार एक बार इस पर्वत की भावपूर्ण वंदना करने से मनुष्य को नरक गति और पशु गति से छुटकारा मिल जाता है।

पिंकी जैन ने धर्म और श्रद्धा के इस नेक काम करने के लिए जैन समाज की युवा टीम को बधाई दी और कहा कि भारतवर्ष में धर्म और संस्कृति की परंपरा युवाओं के बल पर ही आगे बढ़ सकती है। युवा ही देश के धरोहर हैं।

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