गुरु के प्रति जितनी हमारी श्रद्धा जीवन में उतनी सफलता, भाग्यशाली है वह व्यक्ति जिनके पास गुरु है - मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज
न्यूज सौजन्य- राजेश जैन दद्दू इंदौर। गुरु शिष्य का रिश्ता अटूट होता है जिस तरह एक मां से बच्चे का। गुरु के बिना कुछ नहीं होता ना ही गुरु कहने भर से। तीर्थंकर बनने वाले जीव को भी गुरु की आवश्यकता होती है। गुरु कुंभकार हैं जो अपने ज्ञान से शिष्य में छिपी योग्यता को उभार कर उसके व्य
इंदौर • Shreephal Jain News • 14-07-2022, 09:33 pm




















