स्वर्ण थालियों में आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन किया गया रजत कलशों से : धर्म की प्रभावना और समाज में एकता विकसित करने की भावना से चातुर्मास करने आया हूं - आचार्य विहर्ष सागर
दिल्ली में 12 वर्ष तक धर्म की प्रभावना करने के बाद पहली बार इंदौर पधारे गणाचार्य विरागसागरजी के शिष्य राष्ट्रसंत विहर्षसागरजी महाराज की रविवार को दिगंबर जैन समाज संसद एवं सोशल ग्रुप फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में पलासिया स्थित जावरा वालों के जैन मंदिर से शोभा यात्रा जुलूस के साथ
दिल्ली • Shreephal Jain News • 18-06-2023, 10:17 pm
























