चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : किसी के उपकार को मानना हमारे बड़प्पन का द्योतक है - आर्यिका विभाश्री
आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि जब कोई किसी के उपकार को मानता है तो वो जीवन में बहुत ऊचाइयों को प्राप्त कर लेता है, चाहे वह गुरुओं का उपकार हो या माता पिता का। प्रेम और घृणा, उपकार और अपकार भी हमारे जीवन के अनिवार्य अंश हैं। जीवन में उपकार की प्रवृत्ति का अत्यंत
इंदौर • Shreephal Jain News • 05-08-2023, 06:50 pm





















