धर्मसभा में दिए प्रवचन : जिनालय प्रमाण पत्र हैं सत्य , अहिंसा,अचोर्य ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के - मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज
जैन धर्मावलंबियों की संख्या तो मात्र डेढ़ करोड़ के आसपास है , यदि हमको सबूत देना पड़ा कि भगवान महावीर यहां हुए थे तो जिन मंदिर में पाषाण में लिखी इबादत ही यह बताएगी, कि हां भगवान महावीर हुए थे। इंदौर में बनने वाला ये मंदिर केवल इंदौर की आन ,बान और शान के लिए नहीं बल्कि विश्व के ल
इंदौर • Shreephal Jain News • 23-08-2024, 06:44 pm





















