धर्म सभा में दिए उत्तम आर्जव पर प्रवचन : रंचक दगा बहुत दुखदाई होता है - मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज
भावनात्मक धोखेबाजी नहीं करने का नाम आर्जव (सरलता) धर्म है। मन वचन और काया के सरल होने का नाम आर्जव धर्म है। बच्चे बहुत सहज होते हैं, उनके पास आर्जव धर्म रहता है किंतु बड़ों के पास नहीं। लोगों में ऐसी वक्रता आ गई कि भाई का ही सब कुछ हड़प लेते हैं। उनकी नजर पास में झोपड़ी में रहने
इंदौर • Shreephal Jain News • 11-09-2024, 03:22 am





















