सात पीढ़ीयों को तारने वाली नारी सम्मान की यह परंपरा विश्व समाज के लिए बनेगी प्रेरणा-आचार्य 108 श्री विप्रणत सागरजीः नेसी मातृशक्ति को दिया ब्राह्मी सुंदरी संस्कार अलंकरण
बड़वानी के सतपुड़ा की तलहटी में बसा बावनगजा इन दिनों धर्म, संस्कृति, अध्यात्म और सेवा-समर्पण का केंद्र बना हुआ है। यहां विराजित 1008 श्री भगवान आदिनाथजी की 52 गज की प्रतिमा विश्व प्रसिद्ध है एवं जैन धर्मावलंबियों की अटूट आस्था का केंद्र है। यहां 28 जनवरी से दो दिवसीय वार्षिक मेले क
इंदौर • Shreephal Jain News • 31-01-2025, 11:42 pm




















