सुमतीधाम में आदित्योदयः वीर बने, डरफोक न बने-आदित्य सागरजी
मुनित्रय की चरण धूलि से पावन हो रही है इंदौर की वसुधा। श्रुत संवेगी आदित्य सागरजी ने इंदौर में कहा कि ‘जों परिवर्तन से डरते हैं और संघर्ष से कतराते हैं, वो लोग मनुष्यों में सबसे बडे कायर हैं। वीर बने, डरफोक न बने। मनुष्य बने, कायर न बने। मुनिश्री आदित्य सागरजी के निर्देशन में विश
इंदौर • Shreephal Jain News • 11-03-2025, 06:35 pm





















