आदिनाथ कथा की शुरुआत : सच्चा मित्र तो धर्म ही, उसका साथ कभी नहीं छोड़ें- मुनि पूज्य सागर
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के मुखारविंद से आदिनाथ कथा का प्रारंभ हुआ। विपिन कुमार- प्रीति जैन को मुख्य श्रोता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि भगवान आदिनाथ ने महाबल राजा के पर्याय में जवानी, रूप, ऐश्वर्य, कुल, जाति आदि का गर्व नहीं किया। उन्होंने
इंदौर • Shreephal Jain News • 20-03-2025, 11:08 pm




















