आदिनाथ जिनालय में धर्मसभा सम्पन्न, भाव शुद्धि को बताया मोक्ष मार्ग का प्रवेश द्वार : मंदिर में भगवान के समक्ष अज्ञानता का परिचय न दें” — उपाध्याय विश्रुत सागर जी महाराज
“मंदिर में भगवान के समक्ष अज्ञानता का परिचय नहीं देना चाहिए और न ही पूजा में मनमानी करनी चाहिए। जो व्यक्ति धार्मिक क्रियाओं में मनमर्जी करता है, वह सम्यक दृष्टि नहीं कहलाता।” यह उद्गार तपस्वी सम्राट उपाध्याय श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने छत्रपति नगर स्थित दिगम्बर जैन आदिनाथ जिना
इंदौर • Shreephal Jain News • 19-04-2025, 01:30 am





















