सनावद में मुनि श्री विश्वविजय सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। मुनि संघ समेत नगरवासियों ने भव्य मंगल अगवानी की। मुनिश्री ने नगर के जिनालयों में दर्शन किए। संत निलय में प्रवचन हुए। सनावद से पढ़िए यह खबर...
सनावद। धर्म और वैराग्य के पथ पर त्यागियों की नगरी सनावद में निरंतर साधुओं का आना निरंतर जारी है। गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री विश्वविजय सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश नगर में हुआ। यह नगर आगमन गुरुवार को सुबह 8 बजे खंडवा की ओर से हुआ। इस अवसर पर नगर में विराजमान मुनिश्री प्रणेय सागर जी महाराज, अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज, सर्वाथसागर जी महाराज, सौम्य सागर जी महाराज ने मुनिश्री की अगवानी की। समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि गुरुवार को सभी समाजजनों ने मंगल अगवानी के लिए ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पहुंच अगवानी में शामिल होकर धर्म प्रभावना में सहयोगी बने।

 

मुनि श्री संघ के प्रवचनों का लिया लाभ 

मुनिश्री सुपार्श्वनाथ मंदिर, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद श्री शांति सागर वर्धमान देशना संत निलय में प्रातः 8.30 बजे से मुनि संघ के मंगल प्रवचन हुए। इसके बाद सुबह 9.30 बजे मुनि संघ की आहारचर्या हुई। जिसमें गुरुवार को मुनि संघ को आहार करवाने का सौभाग्य महेंद्रकुमार पाटोदी, राजेश कुमार चौधरी, अक्षयकुमार सराफ, मुकेशकुमार जैन शुभम् पेप्सी एवं नवनीतकुमार जैन को प्राप्त हुआ। इस अवसर सभी समाजजन उपस्थित थे।